जादूगर सम्राट शंकर को स्मृति चिह्न भेंट करते उपायुक्त अजय कुमार। संवाद
रोहतक। जादू के माध्यम से तरह-तरह की कलाओं का प्रदर्शन कर अंधविश्वास को दूर किया जा सकता है। भारत में जादू दिखाने की परंपरा बहुत पुरानी है और सम्राट शंकर इस कला को जिंदा रखने में अपना अहम योगदान दे रहे हैं। जादू उन प्राचीन प्रदर्शन कलाओं में से एक है, जिसने सदियों से लोगों को मंत्रमुग्ध किया और मनोरंजन किया है। यह बात उपायुक्त रोहतक अजय कुमार ने कही।
वह रविवार को डीएलसी सुपवा में चल रहे मैजिक शो में पहुंचे थे। उपायुक्त ने बताया कि जादूगर सम्राट शंकर का शो केवल मनोरंजन के लिए नहीं है, बल्कि उनके जादुई करतब राष्ट्रीयता व सामाजिक सरोकारों से भी जुड़े हुए हैं। जादू विज्ञान और सम्मोहन पर आधारित कला है, जो मनोरंजन का एक सशक्त माध्यम है। आजादी के अमृत महोत्सव की कड़ी में सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग द्वारा डीएलसी सुपवा यूनिवर्सिटी में चार दिवसीय जादू शो का रविवार को समापन किया गया। शो में पीएम व सीएम की बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के संदेश को भी प्रमुखता से दिया जा रहा है। जादू के शो में जल व पर्यावरण संरक्षण पर भी विशेष फोकस किया गया है। जादू के इस शो में उपायुक्त अजय कुमार की धर्मपत्नी लवलीन कौर भी मौजूद रही।