रोहतक। लग्जरी कार चोरी कर फर्जी आरसी बनाने के मामले में वाहनों को बरामद करना एसटीएफ का पहला लक्ष्य है। एसटीएम की टीम अब तक 48 लग्जरी कार बरामद कर चुकी है। लेकिन अब टीम फर्जी आरसी वाले वाहनों की बनाई सूची के मुताबिक जहां पर भी दबिश ले रही है, उसे वाहन मालिक या तो महिला मिल रही हैं और घर के सामने खड़ी होने वाली कार गायब है।
एसटीएफ अधिकारी का कहना है कि फर्जी आरसी के आधार पर वाहन मालिकों को नोटिस दिया गया है। उसके बाद से चोरी की गाड़ियां खरीदने वाले कानूनी सलाह ले रहे हैं। वकीलों की ओर से पहले वाहनों को हटाने के लिए कहा जा रहा है। इसके बाद से अब टीम ने मुजफ्फरनगर के कुछ इलाके, मेरठ के सोती गंज, जली कोठी व अन्य पुरानी ऑटो मार्केट में निगरानी बढ़ा दी है। इसके साथ हिसार की ऑटो मार्केट, दिल्ली के मायापुरी में भी इनकी ओर से संपर्क किए जाने की सूचना है। सूचना है कि यहां पर इनकी ओर से वाहनों को कटवाया जा रहा। एसटीएफ की ओर से चोरी की गाड़ियां खरीदने वालों को चेतावनी दी गई है कि वह अगर खुद वाहन रिकवर कराने में पुलिस की मदद नहीं करते हैं तो महम अथॉरिटी से मिले सुबूत के आधार पर उन पर सुबूत नष्ट करने की धारा में केस दर्ज किया जाएगा।
चोरी के वाहनों को बरामद करना पुलिस का पहला लक्ष्य
लग्जरी कार चोर गिरोह से मिली जानकारी की जांच कर रही एसटीएफ की टीम के लिए चोरी के वाहनों को बरामद करना चुनौती बना हुआ है। अधिकारी कहते हैं कि इस मामले में जांच छह माह से चल रही है। इनपुट जुटाने के बाद गिरोह का खुलासा किया गया है। सबसे पहले चोरी के वाहनों को बरामद किया जाएगा। उसके बाद उनकी एक साथ जांच को आगे बढ़ाया जाएगा।
चोरी के वाहनों से चलने वाले लोग अब वाहन बदल कर चल रहे हैं। जांच के दौरान जो इनपुट मिला है उसमें वह कानूनी सलाह लेकर ऐसे वाहनों को नष्ट करने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे में टीम की ओर से संदिग्ध स्थानों पर दबिश दी जा रही है। जल्द ही वाहन न बरामद होने उन पर सुबूत नष्ट करने की कार्रवाई भी की जा सकती है।
- सतीश देशवाल, इंस्पेक्टर, एसटीएफ, गुरुग्राम।