चुनाव के दौरान जहां रहती थी भीड़, वहां अब लटके ताले-वोटिंग होने के बाद पार्टियों के चुनाव कार्यालय से रौनक गायब
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संवाद न्यूज एजेंसी
झज्जर। अब तक जिन चुनावी कार्यालयों में सुबह 5 बजे से देर रात तक चुनावी चर्चाएं होती थी, वह अब मतदान होते ही सूने हो गए हैं। चुनावी कार्यालयों में या तो ताले लगा दिए गए हैं या फिर ईक्का-दुक्का लोग ही नजर आ रहे हैं।
शनिवार को 18वीं लोकसभा के लिए मतदान हुआ। मतदान से पहले सभी पार्टियों ने अपने-अपने चुनावी कार्यालय खोले थे। झज्जर में कांग्रेस और भाजपा की तरफ से ही चुनावी कार्यालय खोले गए थे। भाजपा ने बहादुरगढ़ रोड के नजदीक अपना चुनावी कार्यालय खोला था तो कांग्रेस ने गुरुग्राम रोड पर श्री कृष्ण यादव भवन में अपना चुनावी कार्यालय खोला था। लगभग 15 से 20 दिन यह चुनावी कार्यालय रहा, जहां सुबह 5 बजे से लेकर देर रात तक पार्टी के कार्यकर्ताओं का जमघट लगा रहता था। चुनाव को लेकर हर प्रकार की रणनीति यही से बनाई जा रही थी। पार्टी के प्रचार, सामग्री का वितरण, गाड़ियों को गांव व शहरी क्षेत्र में भेजने का काम यही से चल रहा था, लेकिन जैसे ही शनिवार को मतदान हुआ तो उसके बाद से चुनावी कार्यालय खाली हो गए। रविवार को जब इन दोनों पार्टियों के चुनावी कार्यालय का दौरा किया गया तो भाजपा के चुनावी कार्यालय पर ताला लटका मिला। यहां पर कोई नेता या कार्यकर्ता नहीं दिखाई दिया। यही स्थिति कांग्रेस के चुनावी कार्यालय की दिखी। अब तक यहां हुक्कों पर चर्चा दिखती थी, वहां अब कोई कांग्रेसी कार्यकर्ता या नेता नहीं दिखा। रविवार को यहां केवल धर्मशाला चलाने वाले कर्मचारी ही बैठे मिले। कांग्रेस का कोई नेता या कार्यकर्ता अब यहां नहीं दिखा।
कार्यकर्ताओं ने भी उतारी थकान
रविवार को कार्यकर्ताओं ने अपनी चुनावी थकान उतारने का काम किया। अब नेता और कार्यकर्ता पिछले कई दिनों से गांव स वार्डों में घूमकर वोट मांगने का काम कर रहे थे। मतदान होने के बाद रविवार को नेता और कार्यकर्ता आराम कर अपनी थकान उतारते हुए नजर आए।