जिले के साहित्यकारों ने एक मंच पर आकर रविवार को शिव शक्ति साहित्य सदन का गठन किया। रविवार को सुभाष नगर स्थित सदन की संस्थापक अर्चना कोचर के निवास पर साहित्यकारों को सम्मानित किया गया। यहां नीति आयोग से जुड़े सेवानिवृत्त आईएएस डाॅ. डीआर धींगड़ा मुख्य अतिथि रहे। अध्यक्षता डाॅ. अनूप बंसल मधुकांत ने की।
मुख्य अतिथि ने मंच से दो पुस्तकों का विमोचन करते हुए कहा कि साहित्य समाज का दर्पण होता है। साहित्यकारों पर ही समाज को दिशा देने की जिम्मेदारी होती है, इसलिए साहित्य व साहित्यकार दोनों अहम हो जाते हैं। नई पीढ़ी को इस ओर आगे लाने के लिए उन्हें प्रोत्साहित करने की जरूरत है। यही देश का भविष्य हैं। उन्होंने अर्चना कोचर की पुस्तक ममता से निर्ममता तक व डॉ. कंचन मखीजा के लेख संग्रह अंग्रेजी से तथास्तु श्री का विमोचन करते हुए इनके लेखकों को सराहा। मंच पर 59 वर्ष तक के साहित्यकारों ने 60 से अधिक आयु के साहित्यकारों को सम्मानित किया। सबसे वृद्ध साहित्यकार के रूप में 90 वर्षीय कमला राठी समारोह में उपस्थित रहीं।
समारोह में महेंद्रपाल मग्गू, प्रेरण वृद्धाश्रम कुरुक्षेत्र से जयभगवान सिंगला, बाबा मस्तनाथ विवि से बाबूराम, डॉ. मार्कंडे आहूजा, बच्चनराम अरोड़ा, डाॅ. विनय गौड़, पुष्पा रंजन विशिष्ट अतिथि रही। आयोजन में सहयोग ममता शर्मा, डॉ. अंजना गर्ग, डाॅ. कंचन, पवन गहलोत ने दिया।
इस मौके पर युवा लेखक कपिल, उन्मेष मिश्र, पवन मित्तल, विपिन, संदीप शर्मा, नीरज बंसल, देशराज देस, डाॅ. चंद्र दत्त, डाॅ. तरुणा सचदेवा, एकता कोचर समेत अनेक साहित्यकार मौजूद रहे।