रोहतक। बालंद गांव में परिवार की तीन बेटियों की मौत के मामले की पुलिस ने जांच तेज कर दी है। इसके लिए पुलिस ने सवालों की एक सूची तैयार की है। आखिर किसने खाना बनाया, किसने दूध तैयार किया। सब्जी किसने बनाई। साथ ही ऑटो कौन लेकर आया। पुलिस का कहना है कि जैसे-जैसे परिवार के सदस्यों को छुट्टी मिलेगी, वैसे-वैसे सवाल किए जाएंगे। शुक्रवार को परिवार के मुखिया कृष्ण के बयान दर्ज किए गए, जिसने बेटे राकेश की तरह कहा कि उनको किसी पर शक नहीं है। फूड प्वाइजनिंग होने से ही परिवार के सदस्यों की तबीयत बिगड़ी और तीन बेटियों की मौत हो गई।
पुलिस के मुताबिक बालंद गांव निवासी कृष्ण के दो बेटे हैं। एक बेटा राकेश जहां खेतीबाड़ी करता है, जबकि राजेश ट्रांसपोर्टर का काम करता है। 15 अगस्त को परिवार खाना खाकर सो गया। सुबह उठे तो परिवार के सदस्यों ने उल्टी की शिकायत की। गांव में कुछ दवाई ली। जब आराम नहीं हुआ तो शाम को निजी अस्पताल में दाखिल कराया गया। जहां दो साल की इयांशू, आठ साल की लक्षिता व छह साल की दिव्या की मौत हो गई थी। बाकी सदस्यों का उपचार चल रहा है।
बालंद गांव के केस की पुलिस ने अपने दृष्टिकोण से जांच शुरू कर दी है। परिवार के हर सदस्य से सवाल किए जाएंगे। इसके लिए अस्पताल से छुट्टी का इंतजार है। साथ ही विसरा जांच रिपोर्ट व सैंपल रिपोर्ट का भी इंतजार है। पुलिस की जांच, दोनों रिपाेर्ट का मिलान करके आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इंस्पेक्टर देशराज, प्रभारी थाना शिवॉजी कॉलोनी