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Rohtak News: बीस लाख की शराब का निकला गोलमाल, डीजीपी की मौजूदगी के दिन हुआ खेल

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माई सिटी रिपोर्टर
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रोहतक। महम थाने में शराब नष्ट करने के नाम पर 20 लाख की शराब की हेराफेरी का खेल सामने आ रहा है। खास बात यह है कि जिस दिन प्रदेश के नए डीजीपी अजय सिंघल रोहतक में थे, उसी दिन महम थाने में पूरा खेल हुआ। महम डीएसपी ऋषभ सोढ़ी थाने के 75 से ज्यादा केसों के रिकॉर्ड का मिलान कर रहे हैं।
नियमों के तहत हर साल पुलिस की ओर से पकड़ी गई अवैध शराब के अलावा नशीले पदार्थों को नष्ट किया जाता है जो बरामद हुए हैं। इसके लिए प्रशासन से अनुमति लेनी होगी है। डीसी की तरफ से ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया जाता है।
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पुलिस की तरफ से डीएसपी व थाना प्रभारी की मौजूदगी अनिवार्य रहती है। बाकायदा नशीले पदार्थ व शराब को नष्ट करने की वीडियोग्राफी होती है। एसपी को सूचना मिली थी कि 29 जनवरी को महम थाने के अंतर्गत अवैध शराब व नशीले पदार्थों को नष्ट करने की प्रक्रिया की गई लेकिन शराब की पूरी पेटियां नष्ट नहीं की गईं।
आशंका है कि पुलिस ने मिलीभगत करके अंग्रेजी शराब की करीब 480 पेटियां बेच दी या इधर से उधर कर दी। एसपी सुरेंद्र सिंह भाैरिया ने डीएसपी गुलाब सिंह को मामले की जांच सौंपी थी। डीएसपी की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के बाद एसपी ने थाने के मालखाना इंचार्ज ज्योतिस्वरूप्, एमएचसी जयभगवान व एसए सतपाल को निलंबित कर दिया था जबकि तत्कालीन थाना प्रभारी सुभाष को लाइन हाजिर किया था।

मामले की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि डीजीपी के रोहतक में दौरे के चलते महम के तत्कालीन थाना प्रभारी सुभाष ने उस दिन महम से रोहतक की रवानगी कराई थी। रिकाॅर्ड में भी यह बात दर्ज है। ऐसे में उन्होंने पूरे मामले से अनभिज्ञता भी जांच के दौरान जाहिर की थी। ऐसे में उनका बचना तय है।
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विभाग के जानकारों का कहना है कि बरामद माल में हेराफेरी बड़ा अपराध है। अभी एसपी ने तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित किया है। फाइनल रिपोर्ट मिलने के बाद एफआईआर भी दर्ज हो सकती है। हालांकि, ये विभाग के उच्च अधिकारियों के रुख पर निर्भर करेगा।
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