खरखौदा। शराब तस्करी, चोरी मामले की जांच के दौरान आरोपी सहयोग नहीं कर रहे हैं। न्यायालय ने मामले में दो आरोपियों की गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए उन्हें जांच में शामिल होकर सहयोग का आदेश दिया था। जिस पर आरोपी जितेंद्र व सतीश जांच में शामिल हो गए। एसआईटी का कहना है कि वह जांच में सहयोग नहीं कर रहे। इससे जांच आगे नहीं बढ़ पाई। अब एसआईटी ने आरोपियों से पूछे गए सवालों और उनके दिए जवाबों पर रिपोर्ट तैयार कर ली है। इसको मंगलवार को हाईकोर्ट में दाखिल किया जाएगा।
खरखौदा शराब तस्करी व चोरी के मामले में जांच फिलहाल अधर में लटक गई है। इस मामले में ज्यादातर जानकारी रखने वाले चार आरोपियों से गहनता से पूछताछ नहीं हो पाई है। ऐसे में एसआईटी के पास पर्याप्त जानकारी नहीं है। जिससे मामले की कड़ियां नहीं जुड़ पा रही हैं। एसआईटी ने शराब तस्करी की जानकारी के लिए मुख्य आरोपी भूपेंद्र, उसके भाई जितेंद्र, उनके साथी सतीश झरोठ और पंजाब की डिस्टलरी के प्रबंधन के व्यक्तियों को चिन्हित किया था। पांच दिन के रिमांड के दौरान भूपेंद्र की दूसरे दिन ही तबियत बिगड़ गई थी। उसको पीजीआई ले जाना पड़ा। वहां से न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया। उससे पूछताछ पूरी नहीं हो सकी। पंजाब डिस्टलरी के प्रबंधन के लोग जांच में शामिल ही नहीं हो रहे हैं। ऐसे में जितेंद्र और सतीश से ही ज्यादातर जानकारी प्राप्त की जानी थी। एसआईटी उनको गिरफ्तार ही नहीं कर सकी। जिस पर बाद में वह हाईकोर्ट से यह कहकर जमानत ले आए कि वह जांच में जुड़कर सहयोग करेंगे। दोनों जांच में शामिल भी हो गए। एसआईटी का कहना है कि उन्होंने सहयोग नहीं दिया। ज्यादातर सवालों के जवाब पता नहीं होने की बात कही। जिसकी अब हाईकोर्ट में रिपोर्ट तैयार कर दी जाएगी।
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जितेंद्र और सतीश झरोठ ने भी जांच में पूरा सहयोग नहीं किया। न्यायालय के आदेश की आड लेकर कार्रवाई से बचने का प्रयास किया है। इस मामले में इनसे गहनता से पूछताछ आवश्यक है। पूरे मामले पर रिपोर्ट तैयार कर ली है। इसको मंगलवार को हाईकोर्ट में प्रस्तुत किया जाएगा।
-जोगेंद्र सिंह, डीएसपी एसआईटी।