सोनीपत। खरखौदा शराब घोटाले में आरोपी बनाए गए आबकारी विभाग के पूर्व अनुबंधित चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की अग्रिम जमानत पर कोर्ट में 16 जून को सुनवाई होगी। वहीं जांच में सामने आया है कि उसका अनुबंध विभाग से सितंबर, 2018 में ही खत्म हो चुका था। अनुबंध समाप्त होने से पहले ही वह भूपेंद्र के संपर्क में आ गया था। जिसके चलते उसकी संपत्ति को भी अटैच करने की प्रक्रिया चल रही है।
शराब तस्करी व चोरी के मामले में आबकारी विभाग के पूर्व एडहॉक कर्मी सुनील का नाम सामने आने के बाद उसके बारे में पुलिस जांच में सामने आया कि वह भूपेंद्र की मदद करता था। बताया गया है कि एडहॉक पर काम करने के बाद बावजूद उसका लाइफ स्टाइल बदल चुका था। पहले वह कर्मियों व अधिकारियों की सेवा करता था। जिसके चलते उसे अनुबंध पर लोडिंग-अनलोडिंग के लिए रख लिया था। इसके बाद धीरे-धीरे सुनील का जीवन बदलता चला गया था। उसका रहन-सहन बदलने लगा था। अब उसकी प्रापर्टी का रिकार्ड एसआईटी खंगाल रही है। जिसे अटैच कराया जा सके।
शराब तस्करी में नाम आने के बाद से फरार चल रहे आरोपियों के साथ ही एसआईटी सुनील कुमार की तलाश में भी जुटी है। सुनील ने पिछले दिनों कोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका भी डाली है, जिस पर सुनवाई के लिए 16 जून की तारीख दी गई है। पुलिस उसकी अग्रिम जमानत याचिका को रद कराने के प्रयास के साथ ही उसकी गिरफ्तारी का प्रयास कर रही है। पुलिस का मानना है कि उसकी गिरफ्तारी से मामले में कई अहम राज खुल सकते हैं।
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सुनील का नाम सामने आने के बाद से उसे गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है। उस पर तस्करी के मुख्य आरोपियों में शामिल भूपेंद्र की मदद का आरोप है। सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मामले में कई सवालों से पर्दा उठ सकेगा। सुनील की भी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
-जश्नदीप सिंह रंधावा, एसपी, सोनीपत।