रोहतक। जिले के 9 सरकारी व निजी काॅलेजों में बीएससी लाइफ साइंस का पाठ्यक्रम उपलब्ध है। नेकीराम कॉलेज व राजकीय महिला महाविद्यालय में सबसे ज्यादा 240 सीट उपलब्ध हैं।
जाट कॉलेज में 160 व किशोरी कॉलेज में 180 सीटें हैं। बीएससी मेडिकल कोर्स को अब बीएससी (लाइफ साइंस) के नाम से जाना जाता है। इस कोर्स के बाद बायोटेक्नोलॉजी, फार्मास्यूटिकल, फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री, पर्यावरण संरक्षण संस्थाओं, रिसर्च लैब्स, क्लीनिकल रिसर्च, अस्पतालों और शैक्षिक संस्थानों में रोजगार के अवसर मिलते हैं।
विद्यार्थी सरकारी नौकरियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी कर सकते हैं। बीएड या एमएससी करके शिक्षक भी बन सकते हैं।
नेकीराम कॉलेज के प्राचार्य डॉ. लोकेश बल्हारा ने बताया कि इसके तहत जीव विज्ञान की विविध शाखाओं, बायोटेक्नोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री, जेनेटिक्स, पर्यावरण विज्ञान का ज्ञान मिलता है।
इसमें जीवों और जीवन प्रक्रिया के अध्ययन के दौरान सूक्ष्म जीवों से लेकर मानव शरीर, पौधों, पशुओं और पारिस्थितिकी तक की सभी कार्य प्रणालियों की जानकारी प्राप्त होती है। स्वास्थ्य और चिकित्सा विज्ञान का आधारभूत ज्ञान मिलता है और यह मेडिकल और पैरामेडिकल क्षेत्रों की नींव है।