रोहतक। आठ साल पहले घर में घुसकर दो बच्चों की मां की चाकू मारकर हत्या करने के दोषी महम निवासी संदीप को एएसजे शैलेंद्र सिंह की अदालत ने वीरवार को आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने पर उसे अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। दोषी की तरफ से अभी जुर्माना नहीं भरा गया है।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक फरवरी 2017 में महम निवासी सतीश ने शिकायत दी थी कि वह राजमिस्त्री का काम करता है। उनकी शादी 25 साल पहले लुहारी गांव निवासी सुनीता के साथ हुई थी। रात में वह अपनी पत्नी के साथ अपने मकान और दोनों बेटियां अपनी दादी के साथ दूसरे मकान में सो रही थीं।
सुबह करीब छह बजे वह दूध लेने के लिए चला गया। वापस आया तो दरवाजा अंदर से बंद था। अंदर कमरे में महम का संदीप चाकू व शराब की टूटी बोतल लेकर उसकी पत्नी सुनीता पर बार-बार वार कर रहा था। सुनीता बचने के लिए कमरे में इधर-उधर भाग रही थी।
उसने किसी तरह दरवाजा तोड़ा तो संदीप ने उस पर टूटी बोतल से वार कर दिया। इससे उसके हाथ से खून बहने लगा। आरोपी मौके से फरार हो गया। घायल सुनीता को अस्पताल ले जाया गया, जहां पर डाॅक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी संदीप को अगले दिन गिरफ्तार करन के साथ चाकू बरामद कर लिया था।
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अदालत में पति बोला-उसकी पत्नी को जबरन साथ ले जाना चाह रहा था संदीप
पीड़ित पक्ष के वकील ने बताया कि केस में गवाही के दौरान मृतका के पति सतीश ने बताया कि संदीप उसकी पत्नी पर दबाव बना रहा था कि वह उसके साथ चले जबकि सुनीता अपने परिवार के साथ रहना चाहती थी। मना करने पर संदीप ने वारदात को अंजाम दिया था।
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एससी-एसटी एक्ट के तहत उम्रकैद
अदालत में सुबह सजा को लेकर बहस हुई। दोषी संदीप के वकील ने दया याचिका दायर की जबकि पीड़ित पक्ष के वकील ने कड़ी सजा की मांग की। अदालत ने हत्या की धारा 302 के तहत उम्रकैद व 25 हजार रुपये जुर्माना, आईपीसी की धारा 324 के तहत तीन साल कैद व 5 हजार रुपये जुर्माना और एससी-एसटी एक्ट के तहत उम्रकैद व 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।