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चार हत्यारों को उम्रकैद

Wed, 04 Dec 2013 10:10 PM IST
सोनीपत/ब्यूरो।
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हरियाणा के सोनीपत में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रमोद गोयल की अदालत ने हत्या के मामले में चार आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। आरोपियों पर हजारों रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
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गांव भटगांव निवासी साहब सिंह ने 13 दिसंबर 2009 को थाना सदर, सोनीपत में शिकायत दर्ज कराई थी कि वह आठ दिसंबर को अपने बेटे सत्यवान उर्फ नीटू के साथ अपने परिचित प्रेम सिंह की मृत्यु पर शोक प्रकट करने गए हुए थे।

गांव भटगांव निवासी बिजेंद्र अपने साथियों राजबीर उर्फ भोला, गांव मेहंदीपुर निवासी सत्यवान उर्फ बबलू, हसनपुर निवासी दीपक और अन्य के साथ पहले से मौजूद था।
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उन्होंने बताया कि सत्यवान की कुछ दिन पहले बिजेंद्र से कहासुनी हुई थी। बिजेंद्र का आपराधिक रिकार्ड रहा था जिसमें उसे सजा हो गई थी।

वह पैरोल पर आया था। उसने घर जाने के बाद अपने भतीजे मनोज को सत्यवान को बुलाने भेजा था।

मनोज ने बताया था कि सत्यवान को बिजेंद्र और उसके साथी सूमो गाड़ी में ले गए है। साथ ही उसकी मोटरसाइकिल को दो अन्य युवक ले गए हैं।

जिसकी शिकायत सदर थाना पुलिस को गई थी। पुलिस ने 13 दिसंबर, 2009 को अपहरण का मामला दर्ज किया था।

इसी दौरान 17 दिसंबर 2009 को दिल्ली स्थित एक जगजीवन राम हॉस्पिटल के शव गृह में रखे एक अज्ञात शव की पहचान अपह्त सत्यवान के रूप में हुई।

उसकी गोली मारकर हत्या की गई थी। इसके बाद पुलिस ने 20 दिसंबर 2009 को हत्या में संलिप्त रहे गांव भटगांव निवासी दो सगे भाइयों राजबीर उर्फ भोला व राजेश उर्फ राजा पुत्र रत्न को गिरफ्तार कर लिया था।

दोनों की गिरफ्तारी से पता चला कि इस हत्या-प्रकरण का मुख्य सूत्रधार बिजेंद्र था और इन तीनों के अतिरिक्त दो और युवक भी इसमें शामिल थे।

घटना के बाद से बिजेंद्र भूमिगत था। सीआईए पुलिस ने 19 नवंबर, 2010 को बिजेंद्र को गिरफ्तार किया था।

बिजेंद्र ने पूछताछ में बताया था कि सत्यवान भी उनके साथ बैठता था।

उससे मामूली कहासुनी के बाद उसने साथियों के मिलकर सत्यवान की गोली मारकर हत्या कर दी और उसके शव को नहर में फेंक दिया। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था।

अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए गावं भटगांव निवासी बिजेंद्र, राजबीर उर्फ भोला, गांव मेहंदीपुर निवासी सत्यवान उर्फ बबलू और हसनपुर निवासी दीपक को दोषी करार दिया है।

अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रमोद गोयल की अदालत ने चारों को उम्रकैद की सजा सुनाई है।

साथ ही हत्या के मामले में दस-दस हजार रुपये जुर्माना किया गया। इसके साथ ही शव को खुर्द-बुर्द करने के आरोप में साढे़ सात-सात हजार रुपये जुर्माना किया गया है।
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जुर्माना अदा न करने की सूरत में नौ माह अतिरिक्तसजा भुगतनी होगी।

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