संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से कुष्ठ रोगियों की खोज के लिए 1 अगस्त से अभियान शुरू किया गया है। जिले में 90 टीमें कुष्ठ रोगियों की पहचान में जुटी हैं। टीमों ने अभी तक 88700 लोगों की स्क्रीनिंग की जिसमें 168 लोग संदिग्ध मिले हैं। इनमें से एक व्यक्ति की रिपोर्ट कुष्ठ पॉजिटिव आई है। उसे रेफर कर दिया गया है।
नागरिक अस्पताल के डिप्टी सिविल सर्जन व जिला नोडल अधिकारी डॉ. दीपक वर्मा ने बताया कि कुष्ठ रोगियों की पहचान के लिए यह अभियान 14 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान टीमें लगभग 136000 लोगों की जांच करेंगी। इसके साथ लोगों को जागरूक भी करेंगी।
अभियान में 90 टीमों की निगरानी 15 सुपरवाइजर करेंगे। अभियान के पहले दिन ही पंफलेट बांटकर विभाग लोगों को जागरूक किया गया। जिला नागरिक अस्पताल व प्रत्येक सीएचसी, पीएचसी पर कुष्ठ रोग खोज अभियान शुरू हो गया है।
जिला नागरिक अस्पताल से ई-रिक्शा के माध्यम से कुष्ठ रोगियों की खोज व रोगियों को जागरूक किया जाना शुरू हो चुका है। प्रत्येक गांव, गली-मोहल्ले तक स्वास्थ्य विभाग की टीमें पहुंचेंगी और कुष्ठ रोगियों की खोज कर उनका इलाज करवाएंगी। संवाद
कुष्ठ रोग के लक्ष्मण
शरीर पर तांबे के रंग के दाग होते हैं। आंखों के बाल उड़ जाना, मरीज की पूरी तरह से आंखें नहीं बंद होना, कान के ऊपरी हिस्से पर गांठ आ जाना, गर्दन की नस मोटी नजर आना, कानों के पीछे नस मोटी होना, कलाई मोड़ने में समस्या आना, हाथों की अंगुलियां अंदर की तरफ मुड़ना, मरीज के हाथ पर छाले पड़ने के बाद भी इसका अहसास नहीं होना और पैर के निचले हिस्से में अलसर बनना कुष्ठ के लक्षण हैं।
वर्जन
जिले में कुष्ठ रोगी खोज अभियान शुरू हो गया है। इसके तहत जिले में कुल 90 टीमें बनाई गई हैं। इनमें आशा वर्कर्स के साथ एक पुरुष कार्यकर्ता भी शामिल है। टीमों पर नजर रखने के लिए 15 सुपरवाइजर की ड्यूटी लगाई है। - डॉ. दीपक वर्मा, डिप्टी सिविल सर्जन, नागरिक अस्पताल।