रोहतक। एलिवेटेड रेलवे ट्रैक के बराबर स्टेशन से सेक्टर-छह तक सड़क बनाने का काम शुरू होने में तीन माह लग जाएंगे। इसकी वजह प्रदेश सरकार द्वारा सड़क बनाने के लिए रेलवे से लीज पर जमीन लेने की प्रक्रिया में समय लगना है। यही नहीं, सात मीटर चौड़ी सड़क रेलवे ही बनाएगा, जिसकी लागत सात करोड़ रुपये है। लीज होने के बाद ही शासन स्तर से पार्किंग का प्रस्ताव रेलवे को दिया जाएगा। गोहाना-रोहतक रेलवे ट्रैक शहर के बीचोंबीच से गुजर रहा है, जिसकी वजह से ट्रेन के गुजरने पर बजरंग भवन फाटक, सोनीपत स्टैंड रोड क्रॉसिंग, न्यू बस स्टैंड क्रॉसिंग और सेक्टर-छह क्रॉसिंग बंद होती है। क्रॉसिंग बंद होेने से शहर में लगने वाले जाम की समस्या से निपटने के लिए प्रदेश सरकार ने 350 करोड़ रुपये की लागत से रेलवे के माध्यम से 4.8 किमी. लंबा एलिवेटेड रेलवे ट्रैक बनवाया है, जो जल्द शुरू होने जा रहा है। प्रदेश सरकार की मंशा है कि जिस रास्ते पर रेलवे ट्रैक बिछा हुआ है, वहां सड़क बनवाई जाए। सड़क बनने से शहरवासियों का रेलवे स्टेशन से बस स्टैंड और सेक्टर-छह तक जाना न सिर्फ सुगम होगा बल्कि दूरी भी काफी कम हो जाएगी। दावा किया जा रहा है कि एलिवेटेड रेलवे ट्रैक बनने के बाद ही सड़क बनाने का काम शुरू हो जाएगा मगर हकीकत में ऐसा नहीं है। सड़क बनाने के लिए रेलवे प्रशासन और शासन को कुछ कानूनी लेखाजोखा तैयार करना होगा। चूंकि वर्तमान में जहां से रेलवे ट्रैक गुजर रहा है, वह जमीन रेलवे प्रशासन की है। सड़क बनाने के लिए रेलवे जमीन प्रदेश सरकार को लीज पर देगा ताकि भविष्य में जरूरत पड़ने पर रेलवे उसको इस्तेमाल कर सके। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार एलिवेडेट ट्रैक के नीचे सात मीटर चौड़ी सड़क लीज पर देने की फाइल चल रही है मगर अंतिम फैसला ट्रैक के चालू होने के बाद ही होगा। रेलवे अधिकारियों का दावा है कि लीज पर जमीन देने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद रेलवे न सिर्फ ट्रैक को उखाड़ेगा बल्कि सड़क का निर्माण भी खुद करके देगा।
माप के बाद सर्किल रेट से होगा लीज की राशि का निर्धारण
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि जमीन लीज पर देने की विधिक प्रक्रिया है। जिसके अनुसार सर्किल रेट का 10 फीसदी भुगतान रेलवे को करना होगा। पूरी लिखा-पढ़ी होती है ताकि समय पड़ने पर रेलवे पुन: अपनी जमीन ले सके। रेलवे स्टेशन से सेक्टर-छह तक सड़क बननी है, जिसके चलते जमीन की माप होगी और सर्किल रेट के हिसाब से लीज की राशि तय की जाएगी।
सात करोड़ रुपये में रेलवे ही बनाएगा सड़क
एलिवेटेड रेलवे ट्रैक के नीचे सड़क का निर्माण रेलवे ही करेगा। चिह्नित सात मीटर चौड़ी सड़क सात करोड़ रुपये में बनेगी। दावा है कि लीज की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पुराना रेलवे ट्रैक उखाड़ दिया जाएगा।
एलिवेटेड रेलवे ट्रैक के नीचे सात मीटर चौड़ी सड़क बनाने के लिए रेलवे लीज पर जमीन देगा। लीज की प्रक्रिया चल रही है मगर पूरा होने में दो-तीन माह लगेंगे। लीज पर जमीन देने के लिए शासन को सर्किल रेट का 10 फीसदी भुगतान करना होगा। रेलवे सात करोड़ रुपये की लागत से सड़क बनाएगा, जो स्टेशन से सेक्टर-छह तक बनेगी।
- नवीन छिक्कारा, एईडीएन, रेलवे