रोहतक। धारा के विपरीत चलने व कुछ कर दिखाने का जज्बा रखने वाले ही सफल होते हैं। कुछ ऐसा की प्रयास कर रही हैं एमडीयू की छात्रा मेयर। इस कराटे गर्ल ने ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी कराटे स्पर्धा के टीम कुमिते में स्वर्ण पदक जीतकर यह कर दिखाया है।
इन खिलाड़ी का सपना कराटे चैंपियन बनना व ओलंपिक में देश को स्वर्ण पदक दिलाना है। पदक जीतने के बाद खिलाड़ी ने संवाद न्यूज एजेंसी से अपना संघर्ष साझा किया। एमडीयू की खिलाड़ियों का कहना है कि उन्होंने आत्मरक्षा के लिए कराटे सीखा।
बहादुरगढ़ की रहने वाली एमडीयू की इस छात्रा ने बताया कि घर की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है। पिता सतीश चालक हैं। मां आशा का निधन हो चुका है। छोटा भाई लव वंश दिव्यांग है। बचपन से किसी ने उसकी आवाज नहीं सुनी है। बड़ी बहन चारू पढ़ाई करती हैं। खेल से परिवार का दूर-दूर तक कोई जुड़ाव नहीं है। इसके बावजूद कराटे की ओर रुचि बढ़ी और कई पदक जीते। मेयर का कहना है कि अब इस खेल में भविष्य संवारना है, इसलिए मन लगाकर मेहनत कर रही हूं। शुरू में आठवीं कक्षा में आत्मरक्षा के लिए कराटे सीखने गई थी। कोच इशांत के पास कराटे सीखने गई तो फीस देने के रुपये नहीं थे। कोच ने मेरी स्थिति समझते हुए बगैर फीस लिए कराटे के गुर सिखाए। अब स्पर्धा में पदक जीत कर परिवार का नाम रोशन करना है।
घर की आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं होने के चलते निजी प्रतियोगिताओं में हिस्सा नहीं ले पाती हूं। इन स्पर्धाओं में खेलने के लिए फीस देनी होती है, इसलिए कई बार मन करता है कि खेलना छोड़ दूं। संवाद
ये हैं मेयर की उपलब्धियां
एमडीयू में 19 से 21 जनवरी तक आयोजित की गई ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी में टीम कुमिते में स्वर्ण पदक जीता। 2024 में नेशनल कियो प्रतियोगिता की टीम कुमिते में कांस्य पदक जीता। 2024 में इंटर कॉलेज में रजत पदक जीता। 2022-23 स्टेट स्कूल गेम्स में कांस्य पदक जीता।
पिता मनोज श्रमिक हैं। मां सुमन गृहिणी हैं। हम तीन भाई-बहन हैं। मैंने 11वीं कक्षा में कराटे खेलना शुरू किया। दिसंबर 2022 में दोनों कंधों में चोट लगने के कारण करीब पांच माह नहीं खेल पाई। 2023 के अंत में चोट से उबरकर फिर से खेलना शुरू किया। द कराटे किड अकादमी कलानौर के कोच अर्जुन ने खेलने में काफी मदद की। कोच ने हर कदम पर मदद की व आर्थिक सहयोग दिया। इसके चलते इस खेल में वापसी कर पाई। एमडीयू में मंगलवार को संपन्न हुई ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी कराटे प्रतियोगिता में पहली बार भाग लेकर स्वर्ण पदक जीता। इसके अलावा नॉर्थ ईस्ट नेशनल कराटे प्रतियोगिता 2022, 2023, व 2024 में स्वर्ण पदक जीते। स्टेट जूनियर कीयो स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता।
- मधु, कराटे खिलाड़ी, एमडीयू।
स्कूल में वर्ष 2018 में सेल्फ डिफेंस की क्लास लगी थी। उसे समय सातवीं कक्षा में पढ़ाई करती थी। यहां आत्मरक्षा के गुर सीखे। इसके बाद कराटे में रुचि हो गई। हम दो भाई-बहन हैं। भाई कैलाश भी कराटे खेलता है। पिता शमशेर किसान व मां मंजीत गृहिणी हैं। कोच इशांत राठी ने कराटे की बारीकियां सिखाईं। वर्ष 2023 व 2024 में नेशनल कराटे प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता। वर्ष 2023 साउथ एशियन में रजत पदक जीता। 2023 एशियन कराटे प्रतियोगिता में भाग लिया। एमडीयू में मंगलवार को संपन्न हुई ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी में इंडिविजुअल में कांस्य व टीम कुमिते में स्वर्ण पदक जीता व इसी में मेरे भाई ने टीम कुमिते में रजत पदक जीता।
- पायल, कराटे खिलाड़ी, एमडीयू।
पिता हरीश पीडब्ल्यूडी में नौकरी करते हैं। मां शकुंतला गृहिणी हैं। हम छह भाई-बहन हैं। बचपन से खेल में रुचि है। अपनी सुरक्षा के लिए कराटे खेलना शुरू किया। नौवीं कक्षा में कराटे खेल शुरू किया था। एमडीयू में मंगलवार को संपन्न हुई ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी में कांस्य पदक जीता है।
- प्रीति, कराटे खिलाड़ी, एमडीयू।
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एमडीयू में मंगलवार को संपन्न हुई ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी में टीम कुमिते में स्वर्ण पदक जीता। वर्ष 2021 व 2022 इंटर कॉलेज में स्वर्ण पदक जीता। वर्ष 2023 में ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी कराटे स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता। इंटर कॉलेज 2024 टीम कुमिते व इंडिविजुअल में स्वर्ण पदक जीता। पिता जगवीर सिंह सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करते हैं। मां मीना गृहिणी हैं। कोच इशांत राठी के पास कराटे के गुर सीखे हैं। 10वीं कक्षा में वर्ष 2019 में आत्मरक्षा के लिए खेलना शुरू किया था। कोरोना के कारण बीच में खेलना बंद हो गया था, लेकिन 2021 में दोबारा से खेलना शुरू किया।-
- राजरानी, कराटे खिलाड़ी, एमडीयू।
22सीटीके25-प्रीति, कराटे खिलाड़ी, एमडीयू।
22सीटीके25-प्रीति, कराटे खिलाड़ी, एमडीयू।
22सीटीके25-प्रीति, कराटे खिलाड़ी, एमडीयू।