रोहतक। 1 जुलाई से पूरे देश में लागू नए कानूनों के विरोध में रोहतक जिला बार एसोसिएशन के वकीलों ने बुधवार को अदालत में एक दिन के लिए काम बंद रखा, साथ ही हाउस की बैठक बुलाकर फैसला लिया कि रविवार तक प्रदेश की सभी जिला बार एसोसिएशन व सब बार एसोसिएशन से विचार विमर्श करके आगे की रणनीति तैयार की जाएगी। जरूरत पड़ने पर प्रदेश की सभी अदालत में कार्य का बहिष्कार करेंगे।
सुबह करीब 9 बजे जिला बार के वकील एकत्रित होकर अदालत के मुख्य गेट पर पहुंचे और नए कानूनों के विरोध में बैनर लगाकर काम रोका, साथ ही एक दिन पहले घोषणा कर दी थी कि जो वकील अदालत में पेश होगा, उस पर 11 हजार रुपये जुर्माना लगाया जाएगा। जरूरी केस छोड़कर कोई वकील अदालत में पेश नहीं हुआ। दोपहर 1 बजे जिला बार के हॉल में हाउस की बैठक हुई, जिसे प्रधान अरविंद श्योराण ने संबोधित किया। इस मौके पर बार के महासचिव दीपक हुड्डा के अलावा उप प्रधान हर्षवर्धन मलिक, लाइब्रेरी प्रभारी विश्वदीप, वरिष्ठ वकील बलवान हुड्डा, पूर्व प्रधान भगत सिंह मलिक, पूर्व प्रधान लोकेन्द्र सिंह फौगाट, नसीब डागर, रामपाल बुधवार, चांद सिंधु, विनोद अहलावत, एनपी शर्मा, अजय दुआ व अन्य वकील मौजूद रहे।
15 सदस्यीय कमेटी करेगी नए कानूनों की जांच, बनाएगी ड्राफ्ट
हाउस की बैठक में वकीलों ने विचार व्यक्त किए। किसी ने कहा कि नए कानून में सभी धाराएं या बदलाव गलत नहीं है, लेकिन पूरी तरह बदलाव गलत है। इसका सीधा असर आम आदमी से लेकर वकीलों पर भी पड़ रहा है। ऐसे में वकीलों की 15 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया। कमेटी जांच पड़ताल कर नए कानूनों पर एक ड्राफ्ट बनाएगी। उसमें बताया जाएगा कि कौन सी धाराएं गलत हैं। उनमें संशोधन अनिवार्य तौर पर किया जाए।
वर्जन
नए कानूनों से अधिवक्ताओं को काफी परेशानी हो रही है। तीनों नए कानून गलत हैं, उनमें सरकार संशोधन करे या वापस ले। रविवार तक प्रदेश की सभी जिला बार एसोसिएशन व सब बार एसोसिएशन के प्रधानों से विचार-विमर्श करके आगे की रणनीति बनाएंगे। रोहतक में बैठक भी बुलाई जाए सकती है। इसके अलावा नए कानून की कमियों का एक ड्राफ्ट तैयार करके कानून मंत्री को भेजा जाएगा। अगर सरकार नहीं मानी तो पूरे प्रदेश की जिला अदालत में काम नहीं करेंगे।
- एडवोकेट अरविंद श्योराण, प्रधान जिला बार एसोसिएशन