आईटीआई, अनाज मंडी सबसे बड़ी मांग
पुरानी चौधर को बचाने के लिए पंचायत समिति की पूर्व चेयरमैन विजय कुमारी एक
बार फिर चुनाव मैदान में हैं। निवर्तमान सरपंच जगपाल उर्फ कुल्फी पहलवान
की पत्नी 10 दस साल की चौधर को विकास की दृष्टि से देखती हैं। कहती हैं कि
उनका मकसद हमेशा गांव का विकास करवाना रहा है। गांव से पानी निकासी, पीने
के पानी, गांव में आईटीआई, अनाज मंडी बनवाने के साथ साथ आपसी भाईचारा बनाए
रखने में सबका सहयोग बरकरार रखेंगी।
बिन पैसे बिन नशा करवाए लड़ रही हैं चुनाव
सरपंच पद की उम्मीदवार राजो देवी का कहना है कि वे युवाओं व आम नागरिकों को
नशे से दूर रखना चाहती हैं इसलिए उन्होंने चुनाव में शराब व पैसे का उपयोग
नहीं किया। वे ईमानदारी से चुनाव लड़ रही हैं।
गांव का विकास मुख्य मुद्दा
सरला देवी का कहना है कि भाईचारा सबसे बड़ा धन। ईमानदारी और गांव का विकास
ही उनका मुख्य उद्देश्य है। गांव में कई समस्याएं हैं। वहीं साफ -सुथरा
गांव बनाना चाहती हैं।
गांव वासियों को मिलें जरूरी सुविधाएं
प्रीति देवी का कहना है कि गांव का विकास और सुविधाएं ही हमारा दावा है। वे
चाहती हैं कि गांव का हर नागरिक पढ़ा लिखा हो। गांव में पानी निकासी और
गलियों की हालत में सुधार हो।
भाईचारा और गांव की खुशहाली ही लक्ष्य
सरपंच उम्मीदवार रामभतेरी का कहना है कि भाईचारा ही उनका लक्ष्य है। गांव
में जरूरी सुविधाएं मिलें। विकास को मुद्दा बनाकर चुनाव लड़ रही रामभतेरी
देवी ने कहा कि छात्रों को अच्छी शिक्षा, पीने की पानी की व्यवस्था कर वे
गांव को खुशहाल बनाना चाहती हैं।
गंदे पानी की निकासी हो दुरुस्त
सरपंच पद की उम्मीदवार सोनिया कहती हैं कि उनके पढ़े लिखे होने का फायदा
गांव को पहुंचना चाहिए। वे सिस्टम से गांव का विकास करवाना चाहती हैं। गांव
में सीवरेज व्यवस्था, गंदे पानी की निकासी, गलियों की मरम्मत, पीने के
पानी की व्यवस्था।
गुमनाम उम्मीदवार, न प्रचार न पोस्टर बैनर
गांव में सरपंची के सात सात उम्मीदवार हैं। लेकिन गांव वासियों को भी नहीं
पता कि 7वां उम्मीदवार है कौन। गांव में हर गली मोहल्ले में दीवारें पोस्टर
बैनरों से अटी पड़ी हैं। गलियों में टोली बनाकर व जनसंपर्क के माध्यम से
अब तक 6 उम्माीदवारों के समर्थक वोट मांग रहे हैं। गांववासी 7वें उम्मीदवार
को गुमनाम उम्मीदवार बता रहे हैं।
22 दिन पहल शादी कर उम्मीदवार बनी सोनिया
सरपंची की चौधर पाने के लिए पिछला चुनाव हारने वाले बलवान नम्बरदार ने अपने
बेटे की शादी कर नवनवेली बहु को उतार दिया चुनाव मैदान में। ग्रामीणों का
कहना है कि 22 दिन पहले बेटे की शादी कर उम्मीदवार बनी सोनिया सबको कड़ी
टक्कर दे रही है। बलवान नम्बरदार जो सोनिया के ससूर हैं ने बताया कि 12-13
दिसम्बर को बेटे की शादी कर बहु को उम्मीदवार बनाया है। उन्होने बताया कि
वे पिछला चुनाव हार गए थे। लेकिन उनके मन मेें गांव का विकास करने की ललक
है। इसीलिए उन्होने पत्नी अनपढ़ होने की वजह से अपने बेटे की शादी करनी
पड़ी।