रोहतक। मुख्यमंत्री ने बजट में गंभीर मरीजों की सुविधा के सिविल अस्पतालों में क्रिटिकल केयर यूनिट बनाने की घोषणा की है। इसके लिए मुख्यालय ने हर जिले से क्रिटिकल केयर के लिए प्रस्ताव भेजने को कहा गया है। जिला नागरिक अस्पताल में जगह न होना मरीजों की सुविधा में बाधा बन रहा है।
सिविल अस्पताल में गंभीर बीमारी के मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी। इसके लिए अलग से 50 बेड की क्रिटिकल केयर यूनिट बनाई जाएगी। अस्पताल में क्रिटिकल केयर यूनिट बनने से गंभीर मरीजों व दुर्घटना में घायलों को भी सिविल अस्पताल में ही बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। इससे पीजीआई में रेफर किए जाने वाले केसों में कमी आएगी। साथ ही, अस्पताल में 200 बेड की जगह 250 बेड हो जाएंगे, लेकिन सिविल अस्पताल शहर के बीचोबीच है। अस्पताल में सीमित जगह होने के कारण क्रिटिकल केयर यूनिट के लिए अलग भवन निर्माण के लिए जगह नहीं है। क्रिटिकल केयर यूनिट की रूप रेखा तैयार करने के लिए अधिकारियों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।
क्रिटिकल केयर यूनिट में मिलेंगी ये सुविधाएं
नागरिक अस्पताल में जिले के मरीजों को गंभीर बीमारी से पीड़ित या दुर्घटना में घायल होने पर पीजीआई रेफर नहीं करना पड़े व समय से इलाज कर मरीज की जान बचाई जा सके। इसके लिए नागरिक अस्पताल में क्रिटिकल केयर यूनिट बनाई जाएगी। इसमें मरीजों के लिए इनटेंसिव केयर यूनिट (आईसीयू), आइसोलेशल वार्ड, आइसोलेशन रूम, एमसीएच, हाई डिपेंडेंसी यूनिट (एचडीयू), आपातकालीन यूनिट, ऑपरेशन थिएटर, लेबर डिलीवरी और रिकवरी रूम (एलडीआर) की सुविधा मरीजों को मिलेगी।
वर्जन
सिविल अस्पताल में जगह की कमी को देखते हुए ऊपरी मंजिलों पर भवन का विस्तार किए जाने की योजना है। इसे लेकर पीडब्ल्यूडी बीएंडआर के अधिकारियों से विचार विमर्श किया जाएगा।
- डॉ. रमेश चंद्र, सिविल सर्जन रोहतक।