33-शहर की शिवाजी कॉलोनी के शौचालय में अव्यवस्था का आलम । स्रोत नागरिक
रोहतक। नगर निगम के ज्यादातर शौचालयों में स्वच्छता की कमी और अव्यवस्था का आलम है। इनमें पानी की कमी, टूटे दरवाजे, लाइट व पंखे का अभाव होने से सार्वजनिक स्वास्थ्य पर बुरा असर हो रहा है। फिनाइल का प्रयोग भी नहीं होने से लोगों में संक्रमण का खतरा तक बन रहा है।
लाखों का बजट होने पर शौचालयों की स्वच्छता को लेकर आमजन नगर निगम को कोसने भी लगते हैं। शौचालयों में स्वच्छता न मिलने के पीछे कर्मचारियों का अभाव भी है। नगर निगम के 109 शौचालय हैं जबकि कर्मचारी केवल 42 हैं। कर्मचारियों के अभाव में शौचालयों की सफाई नहीं हो रही है।
पार्षदों की बैठक में भी शौचालयों में स्वच्छता की मांग उठती है लेकिन उनकी आवाज बैठक में ही रह जाती है। मोनू बुधवार ने बताया कि उनके गांव सुनारिया कलां स्थित तिकोना पार्क शौचालय पर ताला लगा दिया गया है। इस कारण शौचालय का लाभ लोगों को नहीं मिल रहा है।
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शहर में नगर निगम के अधिकतर शौचालयों में स्वच्छता का अभाव देखा जा सकता है। पुरानी अनाज मंडी में एक शौचालय पर ताला लगा है। स्वच्छता रखनी चाहिए।
-अमित, सुनारिया।
शहर के पार्कों में भी शौचालयों की ओर नगर निगम ध्यान नहीं दे रहा है। इस कारण लोगों को परेशानी होती है। रैंकिंग के लिए शौचालयों में स्वच्छता बढ़ाई जाए।
-जसबीर कुमार, पुराना हाउसिंग बोर्ड।
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सुधार के संभावित उपाय
सभी शौचालय के लिए सफाई कर्मचारी तैनात किए जाएं, टीम तैयार कर वार्ड अनुसार औचक निरीक्षण किया जाए, स्वच्छता न मिलने की समस्या का तय समय में समाधान किया जाए, नगर निगम के आला अधिकारी व संबंधित वार्ड पार्षद निगरानी रखें, आमजन को भी शौचालय प्रयोग के प्रति जागरूक किया जाए
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नगर निगम क्षेत्र में शौचालयों में स्वच्छता के निर्देश दिए गए हैं। औचक निरीक्षण कर इनकी स्थिति का पता लगाया जाएगा।
-डॉ. आनंद कुमार शर्मा, नगर निगम आयुक्त, रोहतक।