फरार आरोपी विकास व महिला को पुलिस ने काबू किया। विज्ञप्ति
रोहतक। गोहाना रोड स्थित फर्म के एक लेबर कांट्रेक्टर ने सोनीपत की एक महिला के साथ मिलकर 550 श्रमिकों का एक माह का वेतन एक करोड़ पांच लाख रुपये हड़प लिया। श्रमिकों की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए सीआईए प्रथम ने आरोपी विकास व महिला को गिरफ्तार कर लिया। मंगलवार को उन्हें अदालत में पेश किया, जहां से चार दिन के रिमांड पर लिया गया है। मामले में एक आरोपी फरार है।
सीआईए प्रथम प्रभारी एसआई अनेश कुमार ने बताया कि 13 अक्तूबर को श्रमिक बलवान सिंह व अन्य ने सिटी थाने में शिकायत थी कि करीब 550 श्रमिक एक निजी फर्म के माध्यम से हिसार रोड स्थित नटबोल्ट की दो कंपनियों में काम करते थे। फर्म मालिक महम के फरमाणा खास निवासी विकास ने सितंबर माह का वेतन एक करोड़ पांच लाख रुपये बैंक से खुद ले लिया। जबकि पहले वेतन सभी श्रमिकों के खाते में आता था। जब उन्होंने संपर्क किया तो आरोपी फरार हो गया। सिटी थाने में धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया। एसपी उदय सिंह मीना ने मामले की जांच सीआईए प्रथम को सौंपी। सीआईए प्रथम ने कार्रवाई करते हुए विकास व सोनीपत की एक महिला को गिरफ्तार किया।
नकद वेतन की कहकर निकाली बैंक से राशि
पुलिस के मुताबिक पूछताछ में खुलासा हुआ है कि आरोपी विकास लेबर कांट्रेक्टर के तौर पर काम करता है। आरोपी ने दोनों कंपनियों से 550 श्रमिकों की सैलरी का ठेका ले रखा था। दोनों कंपनियों की तरफ से उसके बैंक खाते में सितंबर माह का 1 करोड़ 5 लाख रुपये वेतन आया। आरोपी विकास ने महिला व अपने चाचा के लड़के के साथ मिलकर प्लान तैयार किया। उसने बैंक में अर्जी दी कि वह अबकी बार श्रमिकों को वेतन नकद देगा। दिवाली से ठीक पहले वह 11 अक्तूबर को राशि लेकर फरार हो गया। जांच में यह भी सामने आया कि योजना के तहत आरोपियों ने दो प्लॉट भिवानी में 42 लाख रुपये में खरीद लिए। अब पुलिस आरोपियों से रिकवरी करने का प्रयास कर रही है।
वर्जन-
पुलिस जांच में यह बात भी सामने आई है कि आरोपी विकास शादीशुदा है, जबकि महिला की पति से अनबन चल रही है। दो साल से वह विकास के साथ ही रह रही है। आरोपियों का प्लान था कि पैसे हड़प कर दूसरी जगह बस जाएंगे। साथ ही नया कारोबार खड़ा करेंगे। मामले में तीसरा आरोपी फरार है, जिसे जल्द काबू किया जाएगा। आरोपी विकास व महिला को अदालत में पेश कर चार दिन के रिमांड पर लिया गया है। प्रयास है कि मामले में हड़पी गई पूरी राशि की रिकवरी की जाए।
- एसआई अनेश, प्रभारी सीआईए प्रथम