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निजी लैब व संग्रहण सेंटर उड़ा रहे डीजीएचएस के नियमों की धज्जियां

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Lab charged Rs 600 to 800 more than corona examination fee
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संजय कुमार
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रोहतक। कोरोना संक्रमणकाल में आईसीएमआर से मान्यता प्राप्त निजी लैब व संग्रहण सेंटर कोरोना सैंपल लेने के लिए डायरेक्टर जनरल हेल्थ सर्विसिज हरियाणा की ओर से बनाए गए नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। नियमों को ताक पर रख कर आरटी पीसीआर, एंटीजन व एलाइजा टेस्ट के लिए तय से अधिक फीस वसूल की जा रही है। जबकि स्वास्थ्य विभाग ने इन तीनों जांच के रेट तय कर दिए हैं, इससे अधिक फीस की वसूली करने पर जांच सेंटरों को सील करने का प्रावधान है। हकीकत यह है कि निजी लैब व संग्रहण सेंटर मरीज से जांच के नाम पर तो तय फीस ले रहे हैं, लेकिन 600 से 800 रुपये पीपीई किट के नाम पर अतिरिक्त चार्ज लिया जा रहा है। इसे रोकने वाला कोई नहीं है। स्वास्थ्य विभाग इन केंद्रों के नाम तक उजागर नहीं कर रहा है कि यहां सैंपल टेस्ट भी होते हैं। यदि मरीज को कोई जानकारी चाहिए तो वह आईसीएमआर या एनएचएम के वेब पोर्टल पर इन्हें सर्च करे।
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18 सितंबर को जारी हुआ पत्र, अभी तक लागू नहीं
हैरानी भरा ही सही लेकिन सत्य यही है कि डीजीएचएस की ओर से 18 सितंबर को नॉन मेडिकल रिजन वाले व्यक्तियों की कोरोना जांच को लेकर फीस तय हुई थी। यह फीस निजी लैब पर भी लागू होती है। फीस तय किए जाने का परिणाम यह रहा कि मरीजों ने सरकारी संस्थान में जांच करवाना कम कर दिया और निजी लैब में उनके साथ लूट शुरू हो गई। स्थिति यह है कि मरीज की ओर से बुखार बताए जाने के बाद भी सरकारी अस्पताल में फीस मांगी जाने लगी।
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निजी प्रयोगशाला संचालिका से फोन पर बातचीत के अंश
रिपोर्टर : मैडम क्या आप कोविड टेस्ट कर रहे हैं
डॉक्टर : अभी परमीशन ली जा रही है। अभी टेस्ट हम नहीं कर रहे हैं, आउट सोर्स पर काम कर रहे हैं।
रिपोर्टर : फीस क्या ले रहे हैं
डॉक्टर : सरकारी रेट, 1600
रिपोर्टर : शिकायत मिल रही है कि अधिक फीस ली जा रही है।
डॉक्टर : हां, क्योंकि पीपीई किट लग रही है
रिपोर्टर : लेकिन इसका चार्ज नहीं ले सकते
डॉक्टर : क्यों नहीं ले सकते, सब ले रहे हैं। किट में 200 से 250 और मीडिया के 100 रुपये अलग से खर्च होते हैं। ....लैब वाले भी तो 600 रुपये एक्सट्रा चार्ज ले रहे हैं।
रिपोर्टर : कोई गलत काम कर रहा है तो क्या आप भी करेंगी
डॉक्टर : आप बताओ, किट का खर्च और जो सैंपल लेता है उसका खर्च कैसे निकलेगा
रिपोर्टर : माना आप ठीक हैं, लेकिन सरकार ने फीस की कीमत तय कर रखी है
डॉक्टर : हम सरकार की तय फीस 1600 ही ले रहे हैं, बाकी का चार्ज तो अलग है
रिपोर्टर : शिकायत आई है कि अधिक फीस ली जा रही है
डॉक्टर : ठीक है, मैं काम करना बंद कर देती हूं, लोगों को सुविधा दे रहे हैं। आगे से नहीं देंगे। कोरोना जांच के लिए अलग से 30 हजार रुपये खर्च कर कैबिनेट बनवाया। आप बताएं हम अपने स्टाफ को भी तो सुरक्षित रखेंगे। पीपीई किट व मीडिया का चार्ज कौन देगा।
रिपोर्टर : सरकार की शर्त पहले तय थी, अनुमति तो आपने ही मांगी है
डॉक्टर : अब जांच ही नहीं करेंगे। क्योंकि जो घर पर जा कर सैंपल लेता है वह 100 से 150 रुपये अतिरिक्त चार्ज तो लेगा ही। घर से सैंपल लेने के चक्कर में मेरा एक कर्मचारी भी संक्रमित हो गया है। मैं सैंपल लेना ही बंद करवा दूंगी।
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केस एक
मुझसे 2400 रुपये मांगे गए, जांच के लिए देने पड़े
जवाहर नगर के युवक ने बताया कि निजी लैब में मुझसे कोरोना जांच के लिए 2400 रुपये मांगे गए, मैने पूरी फीस दे कर जांच करवाई। मुझे जानकारी नहीं थी कि सरकार ने इसके लिए 1600 रुपये कीमत तय कर रखी है। लैब में मम्मी की जांच करवाई तो 2200 रुपये जांच के लिए मांगे गए थे।
केस दो
1200 रुपये जांच के लिए मांगे
जनता कॉलोनी के युवक ने बताया कि पिता का ऑपरेशन होना है। अस्पताल ने पहले कोरोना रिपोर्ट मांगी। निजी लैब ने एंटीजन जांच के 1200 रुपये मांगे। जब उनसे कहा गया कि फीस तो 650 बनती है तो कहा गया जहां हो रहा हो वहीं करवा लो।
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क्या बोले जिम्मेदार
कोरोना सैंपल जांच के लिए तय से अधिक फीस कोई नहीं ले सकता। यदि किसी की शिकायत आती है तो उस लैब को सील कर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। आरटी पीसीआर की 1600, एंटीजन किट की 650 व रेपिड किट की जांच के लिए 250 रुपये फीस तय है। इसमें ही पीपीई किट, मीडिया आदि का खर्च जुड़ा है। इससे अधिक फीस किसी भी चार्ज के रूप में नहीं ली जा सकती।
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- डॉ. अनिल बिरला, सिविल सर्जन
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कोरोना सैंपल की फीस तय है। तय शर्तों को मानने के बाद ही निजी लैबों को सैंपल लेकर जांच करने की अनुमति दी गई है। सरकुलर जारी किया जाएगा कि सभी अपनी लैब के बाहर कोरोना सैंपल जांच का बैनर लगाएं, ताकि जांच के लिए आने वाले लोगों को सरकार की ओर से तय फीस की जानकारी मिल सके।
- डॉ. राजबीर सभरवाल, जिला नोडल अधिकारी कोविड-19 एवं उप सिविल सर्जन
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