14 पीजीआई में बनी नई लांड्री में कपड़े धोते हुए कर्मचारी। संवाद
रोहतक। पीजीआई में लगभग 6.5 करोड़ की लागत से किचन व लांड्री की इमारत बनकर तैयार हो चुकी है। करीब ढाई करोड़ की लागत से तैयार किचन में एक दिन में करीब 1400 मरीजों का भोजन बन सकेगा। इसके साथ ही नई लांड्री में प्रतिदिन 5000 कपड़े धुलेंगे।
लांड्री मेें कपड़े धोेने के लिए 13 मशीनें लगाई गई हैं। इनमें एक मशीन कपड़ों से सिलवट निकालने व एक मशीन प्रेस करने के लिए लगाई गई है। इंफेक्शन को देखते हुए खून से सने कपड़े व अन्य कपड़े अलग धोए जा रहे हैं। लांड्री में एक लिफ्ट भी लगाई गई है। इसका उपयोग मशीन में धुले कपड़ों को छत तक ले जाने के लिए किया जा रहा है। लांड्री मेें काम शुरू हो चुका है।
पहले किचन कम जगह में बनी हुई थी लेकिन नए को पहले के मुकाबले बड़ा बनाया गया है। इसमें आटा मेकर, चपाती बनाने, सब्जियां आदि बनाने की मशीनें लगाई गई हैं। इसमें भोजन सामग्री रखने व बनाने के लिए अलग-अलग कक्ष बनाए गए हैं।
यहां आने वालों की सुविधा के लिए किचन के अंदर ही प्रतीक्षालय भी बनाया गया है। इसके साथ ही मरीजों की स्थिति को ध्यान में रखते इमारत के अंदर परामर्श कक्ष भी बनाया गया है। यहां आकर मरीज की हालत के अनुरूप भोजन का परामर्श ले सकेंगे। इससे मरीजों को राहत मिलेगी। -
वर्जन
नए किचन व लांड्री को पहले की अपेक्षा बड़ा बनाया गया है। इसमें 1400 लोगों का भोजन एक बार में बन सकेगा। कपड़े धोने के लिए 13 मशीनें लगाई गई हैं। एक मशीन आनी बाकी है। इनमें ट्रायल कर लिया गया है। लांड्री में काम शुरू हो चुका है, जल्द किचन में भोजन बनना शुरू हो जाएगा।
- प्रवींद्र वर्मा, डिप्टी मेडिकल सुपरिंटेंडेंट पीजीआई