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किसी के दिल की मायूसी, जहां से हो के गुजरी है

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एमडीयू के टैगोर सभागार में मंगलवार को अमर उजाला युवा शक्ति सम्मान समारोह में उत्साहित युवा ।
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एमडीयू का टैगोर आडिटोरियम मंगलवार की रात अमर उजाला युवा शक्ति में लयबद्घ काव्य प्रस्तुतियों का गवाह बना। प्रेम व हास्य के साथ देशभक्ति की कविताओं ने लोगों को गुदगुदाया। आलम यह था कि मंच से लरजते शब्दों को न तो कद्रदानों की कमी थी और न ही तारीफ में गड़गड़ाती तालियों की। उत्साहित युवा अपनी कुर्सी से खड़े होकर अपनी खुशी का प्रदर्शन कर रहे थे। डॉ. कुमार विश्वास ने ढाई घंटे तक कविताओं की रसधार बहाई।
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टैगोर आडिटोरियम में शाम से पहले ही कुर्सियां भरनी शुरू हो गईं थीं और सम्मेलन का आगाज होने से पहले भीड़ कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गई। एमडीयू के टैगोर ऑडिटोरियम में अमर उजाला युवा शक्ति कार्यक्रम का उद्घाटन सांसद डॉ. अरविंद शर्मा, उपायुक्त आरएस वर्मा, महामंडलेश्वर बाबा कपिल पुरी महाराज और एमडी एलपीएस बोसार्ड राजेेश जैन ने किया। कार्यक्रम के दौरान लोगों में जबरदस्त दीवानगी दिखी। डॉ. विश्वास के इंतजार ने श्रोताओं को बेसब्र किया। शाम करीब 7 बजकर 58 मिनट पर डॉ. विश्वास मंच पर आए तो आडिटोरियम तालियों से गड़गड़ाहट से गूंज उठा। फिर शुरू हुआ कविताओं का दौर तो मिलन भी उतना ही शायराना हुआ। ढाई घंटे में ही रोहतक का मन भाव विभोर हो गया। युवा दिलों के चितेरे कवि डॉ. कुमार विश्वास का जादू अपने ही तिलिस्म को भेदता नजर आया। हर किसी की उठती - लहराती तवज्जो ने आयोजन को शानदार बना दिया। कवि सम्मेलन ने लोगों के दिलों में अमिट छाप छोड़ी।
...जब डॉ. विश्वास ने हरियाणा को संस्कार की नगरी बताया
डॉ. कुमार विश्वास ने भगवान कृष्ण के गीता के ज्ञान वाली धरती की संज्ञा देते हुए यहां के कुरुक्षेत्र का जिक्र किया तो हरियाणा को संस्कार की नगरी बताया। वहीं भाजपा सरकार के कार्यों पर चुटकी ली तो कांग्रेस से लेकर सपा, बसपा के नेताओं पर भी तंज कसे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर व्यंग्य सुनाया -
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बिन कथानक कहानी का क्या फायदा,
जिसमें धुलकर नजर भी न पावन बने,
आंख में ऐसे पानी का क्या फायदा।
फिर कांग्रेस के राहुल गांधी पर भी तंज कसते हुए पढ़ा -
इस अधूरी जवानी का क्या फायदा।
चिर परिचित अंदाज में बहाई रसधार
तालियों की गड़गड़ाहट के बीच डॉ. विश्वास अपने चिरपरिचित अंदाज में गीतों की रसधार बहाते नजर आए-
मोहब्बत एक अहसासों की कहानी है,
कभी कबीरा दीवाना था, कभी मीरा दीवानी थी,
यहां सब लोग कहते हैं, मेरी आंखों में आंसू हैं।
जो तू समझे तो मोती है,
जो न समझे तो पानी है।
शब्दों में गूंथा हरियाणा का स्वाभिमान
हरियाणा प्रदेश के स्वाभिमान को उन्होंने अपने शब्दों में गूंथा और कहा कि सबसे बड़े गुरु का ज्ञान यहां के कुरुक्षेत्र में दिया गया। भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को गीता का ज्ञान दिया, तब उन्होंने गांडीव उठाया था।
मंदी पर सुनाया व्यंग्य
उन्होंने मंदी पर व्यंग्य सुनाया और कहा -
झील पर पानी बरसता है, हमारे देश में,
खेत पानी को तरसता है, हमारे देश में।
प्रेम की भाषा में गुनगुनाया
प्रेम की भाषा में डॉ. कुमार विश्वास ने गीत गुनगुनाया तो तालियां बजाते हुए श्रोता भी गुनगुना पड़े -
मैं अपने गीत गजलों से उसे पैगाम करता हूं,
उसी की दी हुई दौलत, उसी के नाम करता हूं,
हवा का काम है चलना, दीये का काम है जलना,
वो अपना काम करती है, मैं अपना काम करता हूं।
जब वाह वाह कह उठे श्रोता
रात के फर्क का अपने अंदाज में गुनगुनाया तो श्रोता वाह वाह कह उठे-
किसी के दिल की मायूसी,
जहां से हो के गुजरी है,
हमारी सारी चालाकी,
वहीं से खो के गुजरी है,
हमारी - तुम्हारी रात में बस फर्क इतना है,
तुमारी सो के गुजरी है, हमारी हो के गुजरी है।
गीतों का समा बंधा तो श्रोता गुनगुनाते नजर आए। डॉ. विश्वास ने गुनगुनाया-
समंदर पीर का अंदल, लेकिन रो नहीं सकता।
ये आंसू प्यार का मोती है, इसको खो नहीं सकता।
मेरी चाहत को अपना तू बना लेना,
मगर सुन ले, जो मेरा हो नहीं पाया,
वो तेरा हो नहीं सकता।
कविताओं में मोदी को अर्थशास्त्री, गणितज्ञ बताया
डॉ. विश्वास ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी अभी हाल ही में जापान गए तो बुलेट ट्रेन के लिए वहां से दो लाख करोड़ का कर्ज ले आए, वह भी पचास साल बाद चुकता करने के लिए। पचास साल के बाद के गणित को अपने अंदाज में समझाया तो श्रोता खिल खिलाकर हंस पड़े। इसी के साथ उन्होंने मोदी को अर्थशास्त्री और गणितज्ञ बताया।
रचनाओं से श्रोता हुए मंत्रमुग्ध
डॉ. विश्वास ने अपनी कविताओं से लोगों को मुग्ध कर दिया। कभी सरकार की बात हुई तो कभी सियासत पर वार। देशभक्ति के तरानों ने लहू गरमा दिया तो हास्य की फुलझड़ियों पर लोग लोटपोट हो गए। इश्क दीवानगी के उफान पर दिखा तो युवाओं की तालियां रवानी पर। देर रात तक श्रोता कुर्सी पर जमे रहे। आखिरी पंक्ति तक न रोहतक का जोश कम हुआ और न तालियों की गड़गड़ाहट।
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