रोहतक। अखिल भारतीय किसान सभा हरियाणा की राज्य कमेटी ने बुधवार को शीला बाइपास पर केंद्रीय बजट की प्रतियां जला कर विरोध जताया। जसबीर स्मारक में आयोजित किसान सभा की राज्य कमेटी की बैठक में 8 व 9 फरवरी को सभी सांसदों को कृषि बाजार नीति के विरोध में ज्ञापन सौंपा जाएगा। बैठक की अध्यक्षता राज्य प्रधान बलबीर सिंह ने की।
किसान सभा के राष्ट्रीय नेता पी. कृष्णा प्रसाद ने कहा कि केंद्रीय बजट 2025-26 में सभी फसलों के लिए एमएसपी की लंबित मांग की पूरी तरह उपेक्षा की गई है। यह बजट कॉर्पोरेट कंपनियों के भारी मुनाफे को बढ़ाने और रियायतें देने वाला है। इसमें किसानों और खेत मजदूरों के लिए ऋण माफी के लिए कोई व्यापक योजना नहीं है। कृषि और संबद्ध गतिविधियों के लिए बजट आवंटन 2024-25 के संशोधित अनुमानों से कम है। जहां 2024-25 का संशोधित अनुमान 3,76,720.41 करोड़ रुपये था, वहां 2025-26 के लिए आवंटन केवल 3,71,687.35 करोड़ रुपये है।
सरकार की प्रमुख योजना प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए आवंटन में 15,864 करोड़ रुपये से 12,242.27 करोड़ रुपये कर भारी कटौती की गई है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लिए आवंटन में कोई वृद्धि नहीं हुई है खाद सब्सिडी में 3,411.30 करोड़ रुपये की कटौती कर दी गई।
किसान सभा के राज्य महासचिव सुमित दलाल ने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री के पेश किए बजट में कोई एमएसपी नहीं, कोई ऋण माफी नहीं दी गई है। उर्वरक सब्सिडी में कमी, मनरेगा में कोई वृद्धि नहीं की गई है। किसान नेताओं ने कहा कि सरकार की मंशा मंडी व्यवस्था को प्राइवेट करने की है। इसके विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर 8 और 9 फरवरी को सभी सांसदों को ज्ञापन सौंपा जाएगा। मार्च में आंदोलन की रणनीति बनाते हुए गांवों में पंचायतें की जाएंगी। इस मौके पर इंद्रजीत सिंह, जागरोशन, राजेंद्र, फूल सिंह श्योकंद, मनोज, रामफल, रामावतार, सुनील मलिक, डॉ. सुरेंद्र, महिपाल, शहर सिंह, हमजिंदर, वीरेंद्र, जसबीर और सतपाल मौजूद रहे।