फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रोहतकः 5 बच्चों का अपहरण करते बदमाशों से अकेले भिड़ गई महिला, शोर सुनकर लट्ठ लेकर दौड़ी

Thu, 05 Sep 2019 03:18 PM IST
रोहतक ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
विज्ञापन
स्कूल से आते समय बच्चों को अपहरण की घटना के बाद बुधवार की रात सुनारिया गांव में दहशत में बच्चे और
विज्ञापन
हरियाणा के रोहतक जिले में सुनारिया गांव में एक गाड़ी में सवार पांच बदमाशों ने छठी से आठवीं कक्षा तक के पांच बच्चों के अपहरण का प्रयास किया। इस दौरान उन्होंने चार बच्चों को तलवार दिखाकर जान से मारने की धमकी देकर गाड़ी में जबरन बैठा लिया जबकि एक छात्र बदमाशों के चंगुल से बचकर भाग निकला और बचाओ-बचाओ चिल्लाने लगा।
विज्ञापन


इस दौरान पास की ही एक दुकान की संचालिका सुनीता शोर सुनकर बाहर आई और किसी अप्रिय घटना का अंदेशा देखकर लठ लेकर गाड़ी की ओर दौड़ी। उसने एक बदमाश के पांव पर लठ मारकर सभी को ललकारा। इस दौरान शोर सुनकर गांव के तीन युवक और पहुंच गए। लोगों को आता देखकर बदमाश मौके से भाग निकले। इसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

बच्चों का शोर सुनकर आई बाहर
सुनारियां निवासी करीब 45 वर्षीय सुनिता ने बताया कि वह किरयाणा स्टोर चलाती है। बुधवार दोपहर करीब तीन बजे वह अपनी दुकान पर थी। इस दौरान बच्चों का शोर सुनाई दिया। दुकान के सामने स्कूल का एक बच्चा सड़क किनारे खड़े ट्रक के नीचे छिपा बचाओ-बचाओ चिल्ला रहा था। पास में एक गाड़ी खड़ी थी। इसमें चार बच्चे चिल्लाते हुए शीशे पर हाथ मार रहे थे। गाड़ी के पास चार व्यक्ति खड़े थे। मन में किसी अनहोनी की आशंका के चलते दुकान से लठ उठाकर बाहर आई।
विज्ञापन


बच्चे को बचाने के लिए एक लाठी गाड़ी के शीशे पर मारी। इसी दौरान एक व्यक्ति पकड़ने आया तो उसके पैर पर लठ मारा। इसके बाद उसके अन्य साथी भी आए गए और गालियां देने लगे। इसी बीच बच्चे गाड़ी से भाग निकले। शोर सुनकर गांव के तीन युवक हमारी ओर आते देख बदमाश गाड़ी में बैठकर फरार हो गए। गांव की हर गली व घर में बच्चों के अपहरण करने वाले व उन्हें बचाने वाली मर्दानी की बातें छाई रही।
 

 

 

 

चार बच्चों को धकेला गाड़ी में, पांचवां भागा

बुधवार को एक गाड़ी में सवार होकर आए पांच बदमाशों ने सुनारिया के सरकारी स्कूल से पांच बच्चों के अपहरण की तैयारी की थी। वे काफी देर से वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे। इसे गांव की सुनीता ने विफल कर दिया। छात्रों ने बताया कि स्कूल की छुट्टी के बाद हम पांच पीछे रह गए थे। इस दौरान गाड़ी वालों ने कहा कि तुम्हारी मम्मी बुला रही है, गाड़ी में बैठ जाओ। हमें उनकी बात पर यकीन नहीं हुआ। इसलिए इनकार कर दिया। इस पर बदमाशों ने जबरन हमें गाड़ी में डाल दिया। हमें तलवार दिखा कर कहा कि शोर किया तो जान से मार देंगे।

एक छात्र बोला- पहले मम्मी से बात कराओ
बदमाश पांच विद्यार्थियों को उठाने आए थे। उसने चार को गाड़ी में बैठा भी लिया था। इसमें एक छात्र कक्षा आठवीं और चार छात्र कक्षा छठी के थे। इनमें से छठी कक्षा के एक छात्र ने बदमाशों के साथ चलने की बात पर कहा कि पहले हमारी मम्मी से बात कराओ। वह मौका देखकर ट्रक के नीचे घुस गया और बचाओ-बचाओ का शोर मचा दिया। हालांकि एक बदमाश उसे पकड़ने के लिए पीछे भी गया, मगर छात्र ने हौसला नहीं छोड़ा।
विज्ञापन

आखिर कौन थे अपहरण करने वाले

बच्चों के अपहरण के प्रयास का मामला गांव के लोगों तक पहुंचा तो कई सवाल उठे। इसमें बड़ा सवाल अपहरणकर्ताओं की पहचान नहीं होना है। आखिर अपहरण करने वाले कौन थे और क्यों अपहरण करने आए थे। वे कहां से आए, कहां गए कोई नहीं जानता। हालांकि पुलिस को इस घटना की सूचना दी गई, मगर मौके पर पहुंची पुलिस देर रात तक भी उनका कुछ पता नहीं लगा पाई। ग्रामीणों से मिले वाहन नंबर तक को पुलिस ट्रेस नहीं कर पाई। यह नंबर नो रिकार्ड फाउंड ही बताया जा रहा है।

बच्चों के अपहरण का मामला सामने आया है। पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। आरोपियों की तलाश की जा रही है। ग्रामीणों से गाड़ी के दो नंबर मिले हैं। इनका रिकार्ड जांच में सामने नहीं आया है। यह नो रिकार्ड फाउंड बता रहा है। मामले की गहनता से जांच की जा रही है।
- इंस्पेक्टर दिलबाग सिंह, प्रभारी, शिवाजी कालोनी थाना
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें