संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। सेक्टर-1 निवासी करुणा ने बेजुबान जानवरों की सेवा को अपना जीवन मिशन बना लिया है। पिछले पांच वर्षों से वे लगातार कुत्तों और अन्य जानवरों की देखभाल कर रही हैं और अपने स्तर पर उन्हें नया जीवन दे रही हैं।
करुणा ने कहा कि बचपन से ही उनका मन खिलौनों में नहीं बल्कि बेजुबान जानवरों के साथ जुड़ा रहा। यही लगाव धीरे-धीरे उनकी जिंदगी का मकसद बन गया। आज वे रोजाना 200 से अधिक जानवरों को भोजन करवाने के साथ-साथ उनके इलाज की व्यवस्था भी करती हैं।
करुणा 12 वर्षों से एक निजी स्कूल में पढ़ा रही हैं और अपनी आय से ही इस सेवा कार्य को चला रही हैं। अब तक वे 100 से ज्यादा कुत्तों का बधियाकरण भी करवा चुकी हैं जिससे उनकी सुरक्षा और संख्या नियंत्रण में मदद मिलती है।
खेत में बनाया शेल्टर, 25 जानवरों की देखभाल
बैंसी स्थित अपने खेत में उन्होंने एक छोटा सा शेल्टर होम बनाया हुआ है। जहां करीब 25 कुत्ते और बिल्लियां रह रहे हैं। इनमें कई जानवर अंधे, अपाहिज या घायल हैं जिन्हें लोग बेसहारा छोड़ चुके थे। करुणा उन्हें रेस्क्यू कर शेल्टर में लाकर उनकी देखभाल करती हैं।
लोग पालते हैं, फिर छोड़ देते हैं जानवर
करुणा ने बताया कि कई लोग कुत्तों को पाल तो लेते हैं लेकिन जब वे बीमार हो जाते हैं या ज्यादा बच्चे होते ही उन्हें सड़क पर छोड़ देते हैं। ऐसे में इन बेजुबानों की जिम्मेदारी समाज को समझनी होगी। इस नेक कार्य में उनके दोनों बेटे एकलव्य और शौर्य भी कंधे से कंधा मिलाकर साथ देते हैं। करुणा कहती हैं कि जब कोई डरा हुआ जानवर धीरे-धीरे भरोसा करने लगता है तो वही उनके लिए सबसे बड़ी खुशी होती है।