रोहतक। एडीजे अनिल कौशिक की अदालत ने कहा कि कलानौर के वार्ड नंबर आठ में 213 वर्गगज जमीन की मालिक नगर पालिका कलानौर है। याचिकाकर्ता मोहनलाल मलकियत के कोई दस्तावेज नहीं दे सका। साथ ही दूसरे याचिकाकर्ता जागो उर्फ जगदीश पहले ही हाईकोर्ट में केस हार चुके हैं।
नगर पालिका कलानौर के वकील ने बताया कि कस्बे के वार्ड नंबर आठ में 213 वर्ग गज जमीन है। कस्बा निवासी जागो उर्फ जगदीश ने अदालत में 2015 में अर्जी दी कि यह जमीन उसकी है लेकिन कस्बा निवासी मोहनलाल नगर पालिका के कर्मचारियों से मिलीभगत करके नपा के असेसमेंट रिकाॅर्ड में जमीन का खुद मालिक बन गए।
अदालत में केस की सुनवाई के दौरान नपा की ओर से जवाब मांगा गया। नपा ने कहा कि वास्तव में जमीन नगर पालिका की है। मोहनलाल कर्मचारी की गलती की वजह से नपा के रिकॉर्ड में मालिक बताया गया है। दूसरा, असेसमेंट रिकाॅर्ड मलकियत का सबूत नहीं है।
निचली अदालत ने जागो उर्फ जगदीश की अर्जी खारिज कर दी। उसने एडीजे व हाईकोर्ट में अर्जी दायर की लेकिन दोनों जगह नपा कलानौर को जमीन का मालिक माना गया। साथ ही आदेश दिए कि छह माह में जागो मकान तोड़कर प्लाॅट का कब्जा नपा को दे।
इसी बीच 2024 में मोहनलाल ने निचली अदालत के निर्णय को एडीजे कोर्ट में चुनौती दी। कहा कि यह जमीन 213 वर्ग गज नहीं, बल्कि 420 वर्ग गज है। यह जमीन नगर पालिका की तरफ से प्रस्ताव पास करके उसके परिवार को दी गई थी।
अदालत में सुनवाई के दौरान मोहनलाल व उसका परिवार मलकियत के दस्तावेज नहीं दे सका। जो दस्तावेज दिए वे 213 वर्ग गज के थे जबकि दावा 420 वर्ग गज पर किया गया था। अब अदालत ने दोनों पक्षों की सुनवाई के दौरान मोहनलाल की अपील खारिज कर दी।