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काहनौर और भैंसरु कलां पंचायत को मिला 6 स्टार पुरस्कार

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यहां घरेलू हिंसा है न जातीय दंगे। स्वच्छता है। हर घर में शौचालय हैं। हर बच्चा स्कूल जा रहा है। गुटबाजी नहीं है। पर्यावरण संरक्षण के सकारात्मक कदम उठाए हैं। यहां पालीथिन प्रयोग प्रतिबंधित है। ये खूबियां हैं जिले की स्टार पंचायत काहनौर व भैंसरु कलां की। इन खूबियों की बदौलत ही सरकार ने इन्हें सिक्स स्टार के खिताब से नवाजा है। यह सम्मान मंगलवार को एमडीयू के टैगोर सभागार में हुए राज्य स्तरीय सेवन स्टार इंद्रधनुष योजना पुरस्कार समारोह में दिया गया। समारोह में प्रदेश की 20 पंचायतों को सिक्स स्टार मिले हैं। जबकि जिले की तीन पंचायत मदीना कोरसान, मकड़ौल्ी खुर्द व सिंहपुरा खुर्द को 5 स्टार पुरस्कार मिला है।
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अमर उजाला ने इन ग्राम सरपंचों से बात की तो ये खूबियां सामने आई।
काहनौर में 30 हजार लीटर क्षमता का आरओ लगाया
गांव में कोई कोई बच्चा ड्रोप आउट नहीं है। कोई खुले में शौच नहीं जाता है। स्वच्छता व पर्यावरण के लिए हर ग्रामीण अपने स्तर पर प्रयासरत है। गांव में लोगों को स्वच्छ पेयजल मुहैया कराने के लिए 30 हजार लीटर प्रति दिन क्षमता का आरओ सिस्टम लगाया गया है। इस आरओ से निकलने वाला अतिरिक्त पानी बर्बाद नहीं किया जाता है। इसका भवन निर्माण कार्य में इस्तेमाल होता है। यह पानी स्टोर किया जाता है। फिर भी पानी ज्यादा हो तो भूमिगत जल को रिचार्ज किया जाता है। घर-घर जाकर कर्मचारी कचरा उठाते हैं। गीला कचरा खाद बनाने के काम आता है। जबकि सूखा कचरा अलग कर बेच दिया जाता है। पालीथिन का इस्तेमाल प्रतिबंधित है। दुकानों पर पालीथिन मिलने पर जुर्माना लगाया जाता है। बाहर से पालीथिन आन पर इसका भी कचरा प्रबंधन के नियमानुसार निपटारा किया जाता है। गांव का लिंगानुपात एक हजार लड़कों पर 1200 लड़कियां हैं।
अमित कादयान, सरपंच, काहनौर।
प्रधानमंत्री से सम्मानित है पंचायत
सरपंच अमित कादयान ने बताया कि पंचायत पिछले वर्ष प्रधानमंत्री से सम्मानित हो चुकी है। यही नहीं ग्राम सभा के बेहतर आयोजन के लिए नानाजी देशमुख गौरव ग्राम सभा पुरस्कार व आत्मनिर्भरता के लिए दीन दयाल उपाध्याय पंचायत सशक्तिकरण पुरस्कार भी मिल चुका है।
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सांझा प्रयास से प्रदूषण मुक्त हुआ भैंसरु कला
पंचायत को सेवन में से सिक्स स्टार मिले हैं। गांव में घरेलू हिंसा व जातीय दंगे नहीं हैं। गुटबाजी व ड्राप आउट बच्चे नहीं हैं। हर घर में शौचालय होने के साथ शराब का ठेका भी नहीं खुलने देने का प्रयास किया जा रहा है। प्रदूषण मुक्त गांव बनाने के लिए पालीथिन बैन है। ग्रामीणों ने पालीथिन का इस्तेमाल नहीं करने का संकल्प लिया है। यही नहीं इसकी जगह कपड़े का थैला प्रयोग किया जाने लगा है। सोलिड लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम के तहत रिक्शा गीला व सूखा घरों से लाने के लिए लगाए हुए हैं। शेड में कचरा छांट कर इसका सही तरीके से निपटान किया जाता है। जल संचय के लिए 20 सोख्ता गड्ढे बनाए गए हैं। जन भागीदारी भी गांव में है। यहां तालाब की खुदाई के लिए लोगों ने अपनी जेब से धन खर्च किया है। स्कूल का भी विकास किया गया है। अब अगला प्रयास सातवां स्टार पाने का है। इसके लिए सुशासन को और बेहतर बनाना है।
मीना कुमारी, सरपंच, भैंसरु कला।
डोर टू डोर गए तो सुधरा गांव का लिंगानुपात
पंचायत को दूसरी बार सिक्स स्टार मिले हैं। सेवन स्टार के लिए पांच साल का लिंगानुपात आंकड़ा कम रहा है। इस वर्ष पंचायत ने लिंगानुपात सुधारने के प्रयास किए। डोर टू डोर गए। लोगाें को समझाया कि जब एक बेटी गांव चला सकती है तो और क्यों नहीं। बेटी के जन्म पर परिवार को सम्मानित किया गया। यही वजह रही कि अब एक हजार लड़कों पर 1200 लड़कियां हैं। गांव के विकास के लिए अपना कैरियर व जॉब छोड़ कर जुटी हुई हूं। पति नरेश कुमार व परिवार का भी सहयोग मिल रहा है। इसलिए घर के साथ गांव को संभाल पा रही हूं। गांव स्वच्छता व पर्यावरण में आगे है। कोई खुले में शौच नहीं जाता है। पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर दिया गया है।
गांव में पहले लिंगानुपात
गीता देवी, जना चोली, पलवल।
प्रदेश का पहला ग्रामीण सचिवालय बना
पंचायत को यहां की सुविधाओं व व्यवस्था के चलते सिक्स स्टार मिले हैं। पिछले वर्ष पंचायत को दो ही स्टार मिले थे। गांव में प्रदेश का पहला ग्रामीण सचिवालय है। यहां सभी सुविधाएं एक छत के नीचे उपलब्ध हैं। सीएम ने वर्ष 2015 को इसका उद्घाटन किया था। इसके अलावा गांव शत प्रति ओडीएफ व पालीथिन मुक्त है। कोई बाहर से पालीथिन ले भी आता है तो इस कचरे का अलग से निपटान किया जाता है। यहां सोलिड वेस्ट प्लांट लगाया गया है। सौंदर्यीकरण के लिए पोल को पेंट कर उन पर बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ व जल संरक्षण सरीखे सामाजिक संदेश देते स्लोगन लिखे हैं। पंचायत लिंगानुपात सुधारने का पुरजोर प्रयास कर रही है। फिलहाल यहां एक हजार लड़कों पर 994 लड़कियां हैं। अगले वर्ष इसे सुधार कर सेवन स्टार की दावेदारी की जाएगी।
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कश्मीरो देवी, हैबतपुर, जींद।
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