01...गढ़ी बोहर में महिलाओं को सिलाई का निशुल्क प्रशिक्षण देती ज्योति। संवाद
रोहतक। बचपन का शौक अगर रोजगार का जरिया बन जाए तो फिर सफलता अपने आप मिल जाती है। सिलाई के इसी शौक से ज्योति को स्वावलंबन की राह मिली। गढ़ी बोहर निवासी ज्योति अब दूसरी महिलाओं को भी प्रशिक्षित कर रही हैं। वे गांव में ही सिलाई-कढ़ाई व ब्यूटी पार्लर का कार्य भी निशुल्क सिखा रही हैं।
पांचवीं पास ज्योति बताती हैं कि वर्ष 2018 में उन्होंने सिलाई व ब्यूटी पार्लर का प्रशिक्षण लिया था। जिसके बाद गांव में ही कार्य शुरू किया और इसी में रोजगार तलाशा। वे अब दूसरी महिलाओं को भी निशुल्क प्रेरित कर रही हैं और प्रति माह 10 से 12 हजार रुपये की आय स्वरोजगार से कर रही हैं।
उन्होंने पहले कृषि विज्ञान केंद्र में सिलाई का प्रशिक्षण था। बाद में उन्होंने पंजाब नेशनल बैंक के खरावड़ सेंटर से एक माह की ट्रेनिंग ली। फिर गांव में ही सिलाई-कढ़ाई व ब्यूटी पार्लर को रोजगार का माध्यम बना लिया।
शुरुआत में ऑर्डर न मिलने से दिक्कतें
शुरुआत में ऑर्डर न मिलने से दिक्कतें भी आई लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और ईमानदारी से मेहनत करती रही। फिर उनके सीले हुए सूट व अन्य वस्त्र महिलाओं को पसंद आने लगे तो उनको ऑर्डर भी मिलने लगे। उनके पास अन्य महिलाएं सिलाई का काम सीखने भी आने लगी। जिनको उन्होंने निशुल्क प्रशिक्षण दिया।
ज्योति बताती हैं कि गांव में जिन महिलाओं को उन्होंने निशुल्क प्रशिक्षण दिया है उनमें से सोमवती, सरिता व गरिमा तो स्वरोजगार अपनाकर अच्छी प्रकार से कार्य भी कर रही हैं।
पारिवारिक जिम्मेदारी बढ़ी
तीन साल पहले 2022 में हुए एक सड़क हादसे में उनके पति कृष्ण कुमार का देहांत हो गया। इस हादसे ने उनको झकझोर दिया। लेकिन किसी तरह उन्होंने खुद को संभाला। अब ज्योति की पारिवारिक जिम्मेदारी बढ़ने से उनमें काम करने की लगन भी बढ़ती चली गई।