रोहतक। जिले के छोटे से गांव रुड़की की बेटी ज्योति बॉक्सिंग में जिले का नाम दुनिया में नाम रोशन कर रही हैं। साधारण किसान परिवार की बेटी वर्ष 2026 में होने वाले एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स की तैयारी में जुटी हुई हैं। एक समय था, जब यह बेटी किसी को बताए बगैर स्टेडियम में बॉक्सिंग का अभ्यास करती थी। बॉक्सिंग सीखने का सिर्फ मां को पता था। मां ने उसका हर तरह से साथ दिया। बेटी ने भी मां का हाथ थामा और विश्व बॉक्सिंग चैंपियनशिप बनकर खुद को साबित किया। मदर्स-डे के उपलक्ष्य में ज्योति ने अपने संघर्ष में मां के सहयोग को अहम बताया।
ज्योति ने बताया कि उनके पिता मामन सिंह किसान हैं। मां रोशनी गृहिणी हैं। भाई प्रवीन खेती करते हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति शुरू में अच्छी नहीं थी। बचपन में ज्योति गांव के स्टेडियम में घूमने जाती थी। एक दिन उसने बॉक्सिंग में खिलाड़ियों को शानदार प्रदर्शन करते, पदक जीतते और फिर स्कूल में सम्मानित होते देखा तो उसके मन में भी एक सपना जागा। उसने तभी सोच लिया कि वह भी बॉक्सिंग खेलेगी।
वर्ष 2012 में जब बॉक्सिंग खेलना शुरू किया तो परिवार में सिर्फ मां को पता था। शुरू से ही घर की आर्थिक स्थिति भी ठीक नहीं थी। मां ने कहा कि अपने खेल पर ध्यान दे। ज्योति ने बताया कि मैं परिवार में और किसी को बिना बताए खेलने जाती रही। 2012 में ही स्कूली स्टेट प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतने के बाद पूरे परिवार को बॉक्सिंग खेलने का पता चला। इसके बाद भी पिता व चाचा मना करते थे। उन्हें लगता था कि बॉक्सिंग लड़कियों का खेल नहीं है। फिर भी मां ने ही हौसला बढ़ाया। मां ने कहा कि तू आगे बढ़ बेटी, तेरे पीछे मैं खड़ी हूं। 2017 में वर्ल्ड चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता। वर्ल्ड चैंपियन बनने के बाद कहा, वाह बेटी तुमने पूरे परिवार का नाम रोशन कर दिया। संवाद
वर्तमान में रेलवे में ऑफिस सुपरिटेंडेंट के पद पर कार्यरत
ज्योति ने बताया कि अगर मां सपोर्ट नहीं करती तो आज वर्ल्ड चैंपियन नहीं बन पाती और न ही खेल पाती। उन्होंने बताया कि वर्तमान में रेलवे में ऑफिस सुपरिटेंडेंट के पद पर कार्यरत हूं। उन्होंने बताया कि गांव के शहीद बैतून सिंह स्टेडियम में कोच विजय हुड्डा के पास अभ्यास करती हूं। उन्होंने बताया कि कोच ने खेलने में मदद की और बॉक्सिंग के गुर सिखाए हैं।
ज्योति की उपलब्धियां
2017 में यूथ नेशनल चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक, 2017 में ही यूथ वर्ल्ड चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता। 2018 में यूथ ओलंपिक में भाग लिया। 2019 में सीनियर नेशनल प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता। सीनियर नेशनल में 2021 कांस्य, 2022 में रजत व 2023 में स्वर्ण पदक जीता। 2024 में ब्रिक्स गेम्स में रजत पदक जीता। 2022 एलोर्डा कप में कांस्य पदक जीता। 2017 में ओपन चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता व बेस्ट बॉक्सर चुनी गईं।।