12 पीजीआई के सुश्रुत सभागार में सीएमई कार्यक्रम में दीप जलाकर शुभारंभ करते डॉ एचके अग्रवाल व अन
- फोटो : साक्षरता मूल्यांकन परीक्षा देते परिक्षार्थी।
रोहतक। आज का युवा जंक फूड की तरफ बढ़ रहा है। इनका अधिक सेवन हमारे लिवर के लिए घातक साबित हो रहा है। भविष्य में फैटी लिवर लोगों के लिए बहुत बड़ी समस्या बन सकता है इसलिए जागरूक होने की जरूरत है।
यह बात पीजीआई के सुश्रुत सभागार में मेडिसिन विभाग की ओर से रविवार को सतत चिकित्सा शिक्षा (सीएमई) कार्यक्रम में कुलपति डॉ. एचके अग्रवाल ने कही। निदेशक डाॅ. एसके सिंघल ने कहा कि आजकल लिवर और गैस्ट्रो की बीमारियां बढ़ रही हैं। ऐसे में सात्विक भोजन का इस्तेमाल कर नशे से दूर रहना चाहिए।
डाॅ. तराना गुप्ता ने कहा कि यह बड़े ही चिंता का विषय है कि हमारे देश में हर तीसरा व्यक्ति फैटी लिवर की समस्या से पीड़ित है। हीपैटोलॉजी के क्षेत्र में नई तकनीक आ चुकी है। पहले फैटी लिवर जांचने के लिए बाॅयोप्सी से टुकड़ा लेना पड़ता था। सीएमई में दिल्ली, चंडीगढ़ सहित देश के कई हिस्सों से विशेषज्ञ आए।
डाॅ. संदीप गोयल ने कहा कि गैस्ट्रो के क्षेत्र में एक नई तकनीक ईयूएस (एंडोस्कोपिक अल्ट्रासाउंड) आ रही है। पेट में झिल्ली बनने पर उसमें स्टंट डाला जा सकता है जबकि पहले इसका ऑपरेशन करना पड़ता था। इस अवसर पर डीन डाॅ. अशोक चौहान, डीन एकेडमिक अफेयर्स डाॅ. एमजी वशिष्ठ, चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. कुंदन मित्तल, डाॅ. प्रवीण मल्होत्रा व अन्य उपस्थित रहे।