रोहतक। पिछले एक माह में 60 से अधिक बच्चे और युवा मोटापा का इलाज कराने के लिए पीजीआई पहुंचे। यह बच्चे 9 से 19 साल की उम्र के हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक भारत में हर 10 में से एक बच्चा मोटापे का शिकार है, और यह आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है।
बच्चों और युवाओं में मोटापा बढ़ने के पीछे का मुख्य कारण जंक फूड की लत और खराब जीवनशैली है। उनकी शारीरिक गतिविधियां सीमित हो रही हैं। बच्चे घंटों मोबाइल, टीवी आदि पर समय बिता रहे हैं। इसके चलते उनका वजन असामान्य रूप से बढ़ रहा है।
मोटापे से कम्र उम्र में हाई ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल, डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारियां हो रही हैं, जो पहले केवल वयस्कों में देखी जाती थीं। इसके अलावा, लिवर में फैट जमा होना, लड़कियों में माहवारी की अनियमितता और लड़कों में हार्मोनल विकास में रुकावट जैसे दुष्प्रभाव भी सामने आ रहे हैं।
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-बच्चों को कम कैलोरी युक्त भोजन दें
बच्चा पांच साल से कम उम्र में अत्यधिक भोजन करता है और तेजी से वजन बढ़ रहा है, तो यह केवल खाने की वजह नहीं हो सकता। ऐसे मामलों में आनुवांशिक कारण हो सकते हैं और ऐसे में चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है। माता-पिता बच्चों को कम कैलोरी युक्त भोजन दें, मोबाइल का इस्तेमाल लगातार 30 मिनट से ज्यादा न करने दें और उन्हें रोजाना एक घंटे से अधिक दौड़, साइकिलिंग, या अन्य शारीरिक गतिविधियों में शामिल करें।
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जो बच्चे पांच साल से कम उम्र के हैं और अधिक भोजन करते है, ऐसे में चिकित्सकीय परामर्श जरूरी है। यह आनुवांशिक कारण से भी हो सकता है। इसे यह न समझने की भूल करें कि बच्चा खाने की वजह से मोटा हो रहा है।
-डॉ. अंजलि, प्रोफेशर, पीडियाट्रिक विभाग