09सीटीके07.... एमडीयू में अपनी मांगो को लेकर धरने पर बैठे शिक्षक। संवाद
रोहतक। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय शिक्षकों का धरना दूसरे दिन भी कुलपति कार्यालय के सामने जारी रहा। इसमें 102 शिक्षक शामिल रहे। शिक्षकों व गैर शिक्षक कर्मचारियों में विश्वविद्यालय की गंभीर वित्तीय स्थिति को लेकर भारी रोष है। धरना सुबह 10 से शाम पांच बजे तक चला। शाम करीब चार बजे जून महीने का वेतन शिक्षकों के खातों में आ गया। इसके बावजूद कर्मचारी भविष्य में फिर यही स्थिति बनने के अंदेशे के चलते विरोध डटे रहे।
शिक्षकों ने कहा कि इस माह का वेतन आ गया है। इसके लिए धरना देना पड़ा है। अगले महीने फिर यही स्थिति बन सकती है। विश्वविद्यालय के माली हालात चिंताजनक है। सरकार से मिलने वाला अनुदान बजटेड शिक्षकों के वेतन का केवल 20 से 22 प्रतिशत ही है। स्वपोषित शिक्षकों, गेस्ट शिक्षकों, रिटायर्ड शिक्षकों, कर्मचारियों काे सरकार से कोई पैसा नहीं मिलता है।
डॉ. विकास सिवाच ने कहा कि शिक्षकों की मांग है कि सरकार 100 प्रतिशत वेतन और पेंशन का अनुदान दे, ताकि विश्वविद्यालय गरीब और मध्यम वर्ग के बच्चों को शिक्षा दे सकें। शिक्षक संघ ने 21 अन्य मांगे भी रखी। इन मांगो का लिखित आश्वासन नहीं मिलने तक धरना जारी रहेगा।