कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के198 लिपिकों (र्क्लक) के पदों की भर्ती के दूसरे चरण की लिखित परीक्षा में पर्यवेक्षकों ने एक युवती सहित दो नकलचियों को काबू किया। हालांकि एक नकलची आवेदक परीक्षा केंद्र की दीवार फांदकर फरार हो गया। जिले के 33 परीक्षा केंद्रों पर 8862 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। विश्वविद्यालय ने आरोपियों पर कार्रवाई के लिए कमेटी गठित कर दी है।
बता दें कि केयू प्रशासन द्वारा सोमवार को आयोजित लिखित परीक्षा में 9371 अभ्यार्थी थे। परीक्षा के लिए जिलेभर में कुल 33 केंद्र बनाए गए थे। इनमें से दो परीक्षा केंद्र सेक्टर पांच स्थित भगवान परशुराम कॉलेज में थे। भगवान परशुराम कॉलेज स्थित परीक्षा केंद्र में परीक्षा देने पहुंची जींद निवासी बिंदिया परीक्षा के शुरूआत में ही फुसफुसाने लगी। इस दौरान वहां तैनात निरीक्षक ने शक के आधार पर उसकी तलाशी ली। इस पर उसके पास से मोबाइल फोन बरामद हुआ।
जिसकी शिकायत निरीक्षक ने विश्वविद्यालय के प्रशासनिक अधिकारियों को दी। मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने युवती से पूछताछ की। हालांकि केयू प्रशासन ने युवती के खिलाफ यूएमसी की कार्रवाई कर चेतावनी देकर छोड़ दिया है। इससे पहले इस संदर्भ में प्रशासनिक अधिकारियों ने युवती को भविष्य में पूछताछ के लिए उपस्थित होने के निर्देश दिए है। वहीं इसी परीक्षा केंद्र में दूसरे कमरे में परीक्षा दे रहे हिसार निवासी जितेंद्र को भी मोबाइल के माध्यम से नकल करता काबू किया गया। हालांकि आरोपी युवक इतना शातिर निकला की वहां मौजूद स्टाफ को चकमा देकर कॉलेज की दीवार फांदकर फरार हो गया।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की कुलसचिव डॉ. नीता खन्ना, प्रो. राजेंद्र नाथ, प्रो राकेश कुमार, प्रो अनिल मित्तल, परीक्षा नियंत्रक डा. हुकम सिंह रंगा ने परीक्षा केंद्रों का दौरा किया। बता दें कि केयू द्वारा आयोजित 198 क्लर्क के पदों की भर्ती के पहले चरण की टाइपिंग टेस्ट में 10 जुलाई को पर्यवेक्षक ने गीता इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी से जींद के गांव शाहापुर निवासी विक्रम को दूसरे की जगह परीक्षा देते हुए काबू किया था।
जांच के लिए कमेटी गठित
परीक्षा नियंत्रक डॉ. हुकम सिंह ने बताया कि बीपीआर कॉलेज में दो परीक्षार्थियों को मोबाइल की मदद से नकल करते हुए काबू किया है। आरोपियों के खिलाफ यूएमसी के तहत कार्रवाई की गई है, जबकि इस मामले में जांच करने के लिए प्रशासन द्वारा एक कमेटी गठित की गई है। इस परीक्षा में 9371 में से कुल 8862 आवेदकों ने लिखित परीक्षा दी। उक्त परीक्षा के लिए बनाए गए 33 केंद्र पर वरिष्ठ संकाय सदस्य प्रो. अनिल वोहरा, प्रो. श्याम कुमार, प्रो. आरसी कंबोज, प्रो. वीके गुप्ता, प्रो रजनीश कुमार, प्रो. रमेश भारद्वाज, प्रो अरविंद मलिक और अन्य वरिष्ठ प्रोफेसर को पर्यवेक्षकों के रूप में नियुक्त किया गया था।