संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। जेएलएन (जवाहर लाल नेहरू) नहर में 24 दिन के लिए जलापूर्ति बंद कर दी गई है। अब 7 जुलाई को नहर में पानी आएगा। नहर पानी बंद होने से शहर अगले तीन सप्ताह तक पेयजल संकट गहराने की आशंका बढ़ गई है। हालांकि, अभी सात दिन बीएसबी नहर में पानी छोड़ने के दावा सिंचाई विभाग ने किया है।
सिंचाई विभाग ने जन स्वास्थ्य विभाग को पानी स्टोरेज करने के लिए पत्र लिखा है। पत्र में कहा है कि 12 जून को खुबडू हेड से जेएलएन नहर में शेड्यूल के अनुसार पानी बंद कर दिया है। इसके लिए मांग अनुसार पानी को स्टोर कर लें।
शनिवार को पानी का स्तर 2800 क्यूसेक से घटकर 1500 क्यूसेक पर पहुंच गया। जेएलएन नहर से शहरी क्षेत्र के लिए प्रमुख जल स्रोत है। इसके बाद बीएसबी (भालौठ सब ब्रांच) नहर में 7 दिन के लिए पानी की मात्रा कम होने से परेशानी बढ़ जाती है जिससे जलघरों में पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध नहीं हो पाता।
जन स्वास्थ्य विभाग के कनिष्ठ अभियंता संदीप कुमार का कहना कि जेएलएन नहर से पानी को स्टोर किया जा रहा है। बीएसबी नहर में भी पानी की पूर्ति होगी। शहर के झज्जर रोड स्थित द्वितीय जलघर, बोहर जेएलएन स्थित तृतीय जलघर और देव कॉलोनी स्थित चौथे जलघर को दोनों समय पानी की सप्लाई की जा रही है जबकि पुराने शहर की कॉलोनियों में दिन में एक समय पानी दिया जा रहा है।
जन स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि नहर बंद रहने की अवधि में वैकल्पिक व्यवस्था और स्टोरेज टैंकों को पूरी क्षमता से भर लें। स्टोर कि गए पानी के लिए की शुद्धता बरकरार रखने के लिए भी जन स्वास्थ्य विभाग ने कर्मचारियों तैनात कर दिया है।
- रामनिवास, कार्यकारी अभियंता, जन स्वास्थ्य विभाग
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जेएलएन में स्टोर पानी की देखभाल करेंगे जन स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी
सिंचाई विभाग ने जन स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखा था कि नहर बंद होने के बाद पानी को स्टोर कर लें। साथ ही, स्टोर किए पानी में कोई किसी प्रकार की सामग्री डालकर दूषित न करें। इसको लेकर विशेष ध्यान दिया जाएगा। वहीं, जन स्वास्थ्य विभाग ने चार कर्मचारियों को लगाया है जो नहर में किसी प्रकार की सामग्री डालने से लोगों को रोकेंगे ताकि शहर को शुद्ध और साफ पानी मिल सके।