बीस मार्च के दिल्ली कूच पर जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने प्रदेश सरकार को चेताया
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अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष यशपाल मलिक का कहना है कि वीरवार को एक तरफ पानीपत में सरकार के मंत्रियों से बातचीत होगी, दूसरी तरफ जाट समाज के लोग 20 मार्च को दिल्ली कूच की तैयारी करेंगे। उन्होंने कहा कि दिल्ली कूच के दौरान सरकार और पुलिस प्रशासन जाट समाज के लोगों को जहां रोकेंगे, वहीं पर टेंट लगाकर बैठ जाएंगे। मलिक ने कहा कि चाहे दिल्ली को चारों तरफ से सील कर दिया जाए, लेकिन जाट जाएंगे। उन्होंने सवाल किया कि बाहर से जाने वाले जाटों को भले ही रोक दिया जाए, लेकिन दिल्ली में रह रहे 22 लाख जाटों को कैसे रोका जाएगा?
बुधवार को पानीपत जाते समय जसिया धरने से पहले मकड़ौली टोल प्लाजा पर मीडिया से बातचीत में यशपाल मलिक ने कहा कि यूपी में आठ मार्च को अमित शाह ने जाट नेताओं को भरोसा दिया था कि जाटों की मांगों को पूरा किया जाएगा। जाटों ने भाजपा पर विश्वास किया और अपना वोट देकर भाजपा को जिताया है। अब शाह को सरकार से जाट समाज की मांगों को पूरा करवाना चाहिए।
ट्रैक्टर से दिल्ली नहीं जाने देने के फैसले की निंदा
रोहतक। जसिया में जाट समाज का धरना बुधवार को 46वें दिन भी जारी रहा। धरने पर सुबह से ही लोग पहुंचने लगे थे। इस दौरान समिति का जोर 20 मार्च के दिल्ली कूच को सफल बनाने पर रहा। धरनास्थल पर जाट न्याय धरना कमेटी की ओमप्रकाश हुड्डा की अध्यक्षता में बैठक हुई, जिसमें तय किया गया है कि दिल्ली कूच को हर हाल में सफल बनाया जाएगा। इस दौरान ट्रैक्टर लेकर दिल्ली जाने पर रोक लगाने के सरकार के फैसले की निंदा की गई। कहा गया कि किस कानून के तहत दिल्ली में ट्रैक्टर ले जाने से रोका जा रहा है। इस दौरान दावा किया गया कि प्रदेश भर से 20 लाख से अधिक लोग दिल्ली कूच में शामिल होंगे। हमारा निर्णय अटल है। देखते हैं हमें कैसे रोका जा जाता है। वक्ताओं ने कहा कि हमारे पास महंगी गाड़ियां नहीं है इसलिए ट्रैक्टर से दिल्ली जा रहे हैं, लेकिन सरकार उसमें भी अड़ंगे लगा रही है। सवाल किया गया कि क्या दिल्ली में प्रदर्शन करने का हक केवल राजनीतिक दलों को ही है। आम आदमी वहां प्रदर्शन नहीं कर सकता। हम अपनी बात सरकार के सामने रखने जा रहे हैं।