रोहतक। जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हिंसा भड़कने से पहले 15 फरवरी 2016 को सांपला में रोड जाम करने के पांच आरोपियों को जेएमआईसी संदीप सिंह की अदालत ने बरी कर दिया। बरी होने वालों में मनोज, राजा, अतर सिंह, विनोद व बल्ले शामिल रहे।
पुलिस रिकाॅर्ड के मुताबिक सांपला थाने के एएसआई सतबीर ने 15 फरवरी 2016 को शिकायत दी थी कि वह एनएच 10 पर तैनात था। तभी गांव इस्माईला की तरफ से 50 से 60 आदमी आए और रोड जाम कर दिया। वे हाथों में लाठी व ठंडे लिए हुए थे। प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने। लगातार नारेबाजी करते रहे। इसी दौरान मनोज वकील और भाषण देने लगा कि आरक्षण नहीं मिलेगा जब तक जाम नहीं खुलेगा। सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। सूचना पाकर डीएसपी अमित दहिया आए और प्रदर्शनकारियों को समझाया। तहसीलदार सुभाष भी आए। इसके बावजूद जाम नहीं खोला गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया। तभी से जिला अदालत में आरोपियों के खिलाफ केस चल रहा था, लेकिन साक्ष्यों के अभाव में वीरवार को कोर्ट ने आरोपियों को बरी कर दिया।
धरना शांतिपूर्ण दिया गया था, लेकिन पुलिस ने गलत धाराएं लगाईं, जिनको अदालत में पुलिस साबित नहीं कर सकी। ऐसे में अदालत ने पांचों आरोपियों को बरी कर दिया।
एडवोकेट जितेंद्र हुड्डा, वकील बचाव पक्ष