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जाट आरक्षण आंदोलन: एक दिन बाद लगी धारा 144 का दिया हवाला, पांच आरोपी सबूतों के अभाव में बरी

Wed, 12 Jul 2023 06:57 PM IST
भूपेंद्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक (हरियाणा)

सार

एमडीयू के गेट नंबर दो के आगे जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान जाम लगाया गया था। शिकायतकर्ता अदालत में बोला कि मैं नहीं कह सकता गिरफ्तार आरोपी जाम लगाने वालों में थे या नहीं। वहीं 17 फरवरी को दर्ज हुए केस में 18 व 19 फरवरी को लगी थी धारा 144 का हवाला दिया गया था।
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आरोप मुक्त होने पर वकील के साथ खुशी जताते हुए। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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हरियाणा के रोहतक में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान एमडीयू के गेट नंबर दो के बाहर जमा लगाने के मामले में बुधवार को अदालत फैसला आ गया। सीजेएम दीप्ति ने केस में गिरफ्तार पांच आरोपियों राहुल उर्फ दादू, धर्मेंद्र हुड्डा, जोगेंद्र उर्फ जोगा, जगपाल निजामपुर व नरेंद्र बडेसरा को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया। अदालत में पुलिस पूरी तरह केस को साबित करने में नाकाम रही। 

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बचाव पक्ष के वकील अशोक कादयान ने बताया कि साल 2016 में जाट आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन चल रहा था। एसपी कार्यालय की सिक्योरिटी ब्रांच के कर्मचारी संदीप कुमार ने अर्बन एस्टेट थाने में शिकायत दी थी कि 17 फरवरी को वह एमडीयू के गेट नंबर 2 के पास पहुंचा तो 100 से 150 लोग पत्थर अड़ाकर रोड जाम कर रखा था। दोनों तरफ वाहनों की लाइन लग गई। किसी को आगे नहीं जाने दिया।

उसने लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन किसी ने नहीं सुनी। पूछने पर एक ने अपना नाम जोगेंद्र उर्फ जोगा पहलवान, धर्मबीर, सहदेव, कृष्ण, जसबीर, प्रिेंस कादयान, नितेश अहलावत, सुरेंद्र, साहिल भाटी, मोहित सिवाच, संदीप, आशीष, विकास मोर व विकास कुमार बताया। इनके साथ अन्य लोग भी थे। जाम की सूचना उच्च अधिकारियों को दी। डीएसपी अमित भाटिया, डीएसपी डॉक्टर रवींद्र कुमार अन्य स्टाफ के साथ मौके पर पहुंचे। इसके बावजूद भी जाम नहीं खोला गया।
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एक दिन बाद लगी धारा 144 का दिया हवाला, शिकायतकर्ता ने ही किया पहचानने से इंकार
बचाव पक्ष के वकील अशोक कादयान ने बताया कि पुलिस ने 17 फरवरी 2016 को अर्बन एस्टेट थाने में रोड जाम की एफआईआर दर्ज की। जबकि केस की सुनवाई के दौरान 18 व 19 फरवरी को लगी धारा 144 का हवाला दिया गया कि यूं लोग एकत्रित नहीं हो सकते। दूसरा, शिकायतकर्ता ने कहा कि वह नहीं कह सकता कि पांचों गिरफ्तार आरोपी 150 लोगों में शामिल थे। न ही वह 150 लोगों की शिनाख्त कर सकता। ऐसे में सबूतों के अभाव में आरोपी बरी को गए। 

पूर्व वित्तमंत्री की कोठी जलाने के मामले में अभी नामजद पांचों आरोपी
उधर, रोड जाम के केस में बरी हुए आरोपी कबूलपुर निवासी राहुल दादू, खिड़वाली गांव निवासी धर्मेंद्र हुड्डा, जोगेंद्र उर्फ जोगा, जगपाल निजामपुर व नरेंद्र बडेसरा पूर्व मंत्री वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु की कोठी फूंकने के मामले में नामजद हैं। उनके खिलाफ सीबीआई की पंचकूला स्थित विशेष कोर्ट में केस चल रहा है।

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