युवा जाट एकता मंच के तत्वावधान में शुरू हुए जेल भरो आंदोलन में पुलिस ने लगभग 100 से अधिक लोगों को गिरफ्तार तो किया, लेकिन आरोप है कि पुलिस सोमवार तड़के करीब तीन बजे उन्हें राजीव गांधी स्टेडियम में छोड़कर चली गई। पूर्व घोषणा के मुताबिक, दिन निकलते ही जाट फिर से जाट भवन में इकट्ठा हुए। यहां पर दोपहर तक गिरफ्तारी का इंतजार करते रहे, लेकिन पुलिस नहीं आई। इसके बाद सभी जुलूस निकालकर डीसी से मिलने के लिए निकल पड़े। बाद में इन्होंने अपना इरादा बदल दिया और आईजी ऑफिस में जाकर बैठ गये।
देर शाम तक जाट गिरफ्तारी की मांग पर अडिग थे, जबकि आईजी और एसपी गिरफ्तारी से पीछे हट रहे थे। करीब सात घंटे बाद पुलिस को आंदोलनकारियों के सामने झुकना पड़ा और उन्हें गिरफ्तार करना पड़ा। एसपी शशांक आनंद ने बताया कि 13 लोगों ने गिरफ्तारी दी है। महिलाओं को उनके घर छोड़ दिया गया है। एसपी ने बताया कि मामले में अब इनकी सुनवाई एसडीएम कोर्ट में 13 मई को होगी। दूसरी ओर जाट युवा एकता मंच के विनीत धनखड़ का दावा है कि 24 लोगों ने गिरफ्तारी दी, जिन्हें जमानत पर छोड़ दिया गया।
रविवार सुबह 11 बजे जाट भवन से जेल भरो आंदोलन की शुरूआत हुई थी। पुलिस ने दोपहर में करीब 100 लोगों को गिरफ्तार किया, जिनमें से कुछ लोगों को देर शाम छोड़ दिया गया, जबकि दो दर्जन से अधिक लोगों को राजीव गांधी स्टेडियम में रखा गया। मंच के पदाधिकारी विनीत धनखड़ ने आरोप लगाया कि पुलिस ने रात में सभी लोगों का स्टेडियम में एंबुलेंस बुलाकर मेडिकल कराया और देर रात करीब तीन बजे सभी को यह कहकर छोड़ दिया कि आपकी बेल हो गई है। इसके बाद पुलिस अपने वाहन लेकर चली गई। पुलिस के जाने के बाद गिरफ्तार किए गए लोग रात में पैदल ही जाट भवन आए।
पूर्व घोषणा के अनुसार, सोमवार सुबह करीब 11 बजे जाट समाज के लोग जाट भवन पर इकट्ठा हुए। यहां दोपहर करीब एक बजे तक गिरफ्तारी के लिए पुलिस की बांट जोहते रहे, लेकिन पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। दोपहर करीब 2 बजे लगभग 50 महिला-पुरुष जुलूस निकालते हुए डीसी ऑफिस की तरफ चल दिए, लेकिन दिल्ली बाईपास पर पहुंचते ही सभी आईजी ऑफिस में घुस गए और वहीं बैठ गए। सभी ने पुलिस को गिरफ्तारी लेने के लिए कहा, लेकिन पुलिस गिरफ्तारी पीछे हटती रही। घंटों तक आईजी संजय कुमार और एसपी शशांक आनंद ने गिरफ्तारी देने पर अड़े लोगों को समझाने की कोशिश की, लेकिन जाट पीछे हटने को तैयार नहीं थे। जाटों ने एकजुट होकर कहा कि जब तक उनकी गिरफ्तारी नहीं होगी, तब तक आईजी ऑफिस में ही रहेंगे।
24 लोगों ने दी गिरफ्तारी, महिलाओं को घर छोड़ा
गिरफ्तारी देने के लिए आईजी ऑफिस में बैठे 24 लोगों को रात करीब 8 बजे पुलिस ने औपचारिक तौर पर गिरफ्तार कर लिया। जबकि गिरफ्तारी देने पहुंची महिलाओं को पुलिस ने गाड़ी में बिठाकर उनके घर छोड़ दिया। गिरफ्तार करने के कुछ समय बाद ही सभी को जमानत बांड भरवाने पर छोड़ दिया गया। इसके बाद आईजी ऑफिस के सामने से पुलिस बल की संख्या कम कर दी गई।
हमारे साथ हुई बदतमीजी, डीएसपी ने किया अभद्र व्यवहार
रविवार को गिरफ्तार किए गए मंच के सदस्य सोनू दांगी ने पुलिस पर आरोप लगाया कि राजीव गांधी स्टेडियम में मेडिकल के समय पुलिस करीब 20 से अधिक लोगों को उतारकर अंदर कमरे में ले गई। इसके बाद बस में केवल सोनू दांगी, सतीश राणा, जुगनू बोहर, पावेल बालियान और मोनू मकड़ौली रह गए। आरोप है कि उसी समय एक डीएसपी ने उनके साथ बदतमीजी की और उपद्रव के संबंध में उनकी जाति पर कटाक्ष किया। मामले में एसपी को लिखित में शिकायत की गई है।
कई जगह कराए हस्ताक्षर, बोल दिया अब 12 तारीख को कोर्ट में होना पेश
गिरफ्तारी देने वालों का आरोप है कि राजीव गांधी स्टेडियम में इकट्ठा होने के बाद देर रात पुलिस ने गिरफ्तार किए गए लोगों से कई जगह हस्ताक्षर कराए और इसके बाद कह दिया कि आपकी जमानत हो गई है। अब आपको 12 मई को एसडीएम कोर्ट में पेश होना है। हालांकि, गिरफ्तार किए गए लोग यह कह रहे थे कि उन्हें नहीं पता कि उनके हस्ताक्षर किस लिए कराए गए थे।
तपती धूप में सड़कों पर उतरी महिलाएं
जेल भरो आंदोलन के दौरान महिलाओं ने भी कंधे से कंधा मिलाकर पुरुषों का साथ दिया। यहां तक दोपहर के समय तपती धूप में सड़कों पर उतरकर पुलिस-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके बाद आईजी ऑफिस में भी पुलिस अधिकारियों को चेता दिया कि जब तक मांग पूरी नहीं होगी तब तक गिरफ्तारी का आंदोलन जारी रहेगा।
तहसीलदार पहुंचे जाट भवन, नहीं मानें जाट
सोमवार को दोपहर 11 बजे के आसपास तहसीलदार गुलाब सिंह जाट भवन पहुंचे थे। उन्होंने मंच के पदाधिकारियों और अन्य सदस्यों से बातचीत की और उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन वहां मौजूद लोगों ने साफ कह दिया कि वह शांतिपूर्ण तरीके से गिरफ्तारी देना चाहते हैं। पुलिस-प्रशासन उन्हें गिरफ्तार करे। जाटों के नहीं मानने पर तहसीलदार लौट गए।
अनशन की साजिश से डर रही पुलिस
जेल भरो आंदोलन में शामिल होने वाले लोग बार-बार गिरफ्तार कर सुनारिया जेल में छोड़े जाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन पुलिस-प्रशासन को डर है कि कहीं जेल में पहुंचने के बाद सभी लोग साथियों के साथ मिलकर अनशन न शुरू कर दें, यदि ऐसा होता है तो माहौल फिर खराब हो सकता है।
शहर के हर रास्ते पर पुलिस बल तैनात
जेल भरो आंदोलन को लेकर पुलिस-प्रशासन के भी हाथ-पैर फूले हैं। सोमवार को शहर के हर मुख्य मार्ग पर पुलिस बल तैनात किया गया था। हालांकि आंदोलन में शामिल होने वालों की दूसरे दिन भीड़ ज्यादा नहीं रही। फिर भी पुलिस-प्रशासन पूरी तरह से सावधान रहा।
काफी बातचीत और समझाने के बाद भी 13 लोगों ने गिरफ्तारी दी। बाद में उनको जमानत पर छोड़ दिया गया। पुलिस सुबह से ही लोगों को समझाने का प्रयास कर रही थी, ताकि पुलिस और आमजन के बीच विश्वास बना रहे।
- शशांक आनंद एसपी रोहतक