मंजीत हत्याकांड को अंजाम देने वाले दो शूटर को सीआईए-1 ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था।
दोनों शूटर गोली लगने से घायल हो गए थे और अब करीब सवा माह बाद स्वस्थ होने पर आरोपियों को अदालत ने जेल भेज दिया। हालांकि, पुलिस अब दोनों को रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है और अदालत में अर्जी भी लगा दी है।
प्रभारी सीआई-2 सतीश कादियान ने बताया कि झज्जर के डीघल गांव निवासी फाइनेंसर मंजीत की किलोई गांव में 6 दिसंबर को शादी समारोह में गोली मारकर हत्या कर दी थी। वारदात को हिमांशु उर्फ भाऊ के निर्देश पर अंजाम दिया गया था। घटना के तीन दिन बाद ही सीआईए-1 का बदमाशों से सामना हो गया था। 9 दिसंबर की रात को मुठभेड़ में फतेहाबाद के टिब्बी गांव निवासी जसवीर व बिधलान, खरखौदा निवासी साहिल घायल हो गए थे। उसी दिन से दोनों का पीजीआईएमएस में इलाज चल रहा था।
दोनाें आरोपी मौके से भाग न जाए, इसके लिए अस्पताल में सुरक्षा भी बढ़ा दी थी। मगर अब दोनों आरोपी इलाज के बाद से स्वस्थ हो गए तो उनको अदालत में पेश कर किया गया। यहां से अदालत ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। अब पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ करने के लिए अदालत से उनका रिमांड मांग रही है।
इसके लिए पुलिस ने अदालती प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। हत्याकांड के दौरान की कहानी को दोहराया जाएगा।
भाऊ और नीरज फरीदपुरिया गैंग ने हत्या की जिम्मेदारी ली थी। पुलिस अभी तक सात आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें फरीदाबाद निवासी अजय और हरीश उर्फ हरिया को पलवल से, यूपी, गाजियाबाद के विजयनगर निवासी ललित उर्फ लक्ष्मण को बल्लभगढ़ से, पलवल के फरीदपुर निवासी रोहित को बल्लभगढ़, यूपी के रविंद्र उर्फ रवि को बल्लभगढ़ से गिरफ्तार किया है।