रोहतक। प्रदेश के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान पीजीआई में पहली बार एक ही हफ्ते में दूसरी अंगदान होने जा रहा है। सोनीपत के गांव ताजपुर तिहाड़ा खुर्द निवासी जेल वार्डन कुलदीप (51) सोमवार को जाते-जाते दूसरों को नया जीवन देने वाले हैं। अल सुबह चार बजे से अन्य अस्पतालों से चिकित्सकों की टीमें अंग लेने पहुंचेगी।
प्रशासन की ओर से इसके लिए ग्रीन कॉरिडोर का निर्माण किया गया है। रोहतक पुलिस की ओर से सुबह 6 बजे से 10 बजे तक बनाए जाने वाले ग्रीन कॉरिडोर के माध्यम से करीब 100 से 120 किलोमटर प्रति घंटा की रफ्तार से टीम अंगों को लेकर अस्पतालों में पहुंचेगी ताकि समय पर मरीज को अंग लग सके।
कुलदीप सुनारिया में जेल वार्डन थे। एक साल पहले सिर में दर्द रहना शुरू हुआ। फिर इधर-उधर दवाई लेकर इलाज का प्रयास किया लेकिन कुछ आराम नहीं हुआ। ऐसे ही ड्यूटी पर चले गए। चक्कर आने पर समस्या बढ़ते देख सीटी स्कैन व एमआरआई कराई तो पता लगा कि दिमाग में क्लोट बन रहा है।
मैक्स अस्पताल में इलाज के बाद ऑपरेशन कराया। ऑपरेशन के बाद उनकी आंखें इधर-उधर हो रही थीं लेकिन कुछ बोल नहीं पा रहे थे। यहां करीब 35 लाख खर्च होने के बाद पीजीआई इलाज कराने की सोची। पीजीआई में दोबारा दिमाग का ऑपरेशन किया गया। इससे रिकवरी भी होने लगी थी। परिवार वालों को भी पहचानने लगे थे।
अचानक हार्ट अटैक आने पर दोबारा कोमा में चले गए। शुक्रवार व शनिवार को ट्राॅमा सेंटर के आईसीयू में एडमिट रखा गया लेकिन हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। शनिवार को सुबह दूसरी बार जांच कर कुलदीप को ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया। इसके बाद डॉ. एचके अग्रवाल, डॉ. कुंदन मित्तल व अन्य चिकित्सकों ने समझाया कि कुलदीप कई लोगों को जीवनदान दे सकता है।
फिर परिवार वालों ने आपस में सलाह कर अंगदान का निर्णय लिया। परिवार में पत्नी के अलावा एक लड़का व लड़की है। फिलहाल लड़का बेरोजगार है। जेल अधीक्षक सत्यवान भी पीजीआई में पहुंचेंगे।
सामाजिक कार्यों के लिए रहते थे तैयार
जेल वार्डन कुलदीप के बड़े भाई नरेश कुमार ने बताया कि भाई तो चला गया लेकिन उसके अंग किसी दूसरे के काम आएंगे, इससे अच्छा क्या हो सकता है। परिवार वालों से सलाह करके फैसला लिया है। गांव में सामाजिक काम में कुलदीप बढ़-चढ़कर योगदान देते थे।
सहकारिता एवं जेल मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा श्रद्धांजलि देने पहुंचेंगे
सोमवार को जेल वार्डन कुलदीप को श्रद्धांंजलि देने सहकारिता एवं जेल मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा पीजीआई पहुंचेंगे। यहां वे उनके परिजनों से भी मुलाकात कर सकते हैं।