रोहतक। योग शिक्षक जगदीप हत्याकांड के मुख्य आरोपी चरखीदादरी के गांव पैंतावास निवासी राजकरण को सीआईए प्रथम ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी वारदात के बाद दमन दीव भाग गया था। रविवार को गांव लौटा तो पुलिस ने दबोच लिया। आज पुलिस आरोपी को अदालत में पेश कर रिमांड पर लेने का प्रयास करेगी। आरोपी हरदीप व धर्मपाल को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। चौथा आरोपी अमित पुलिस की पकड़ से बाहर है।
योग शिक्षक जगदीप झज्जर जिले के गांव मांडोठी का रहने वाला था और रोहतक के एक विवि में योग शिक्षक की नौकरी करता था। उसकी मौसी के माध्यम से जनता कॉलोनी की सेवानिवृत्त शिक्षिका से पहचान हुई, जो कैंसर पीड़िता है। चार साल से वह जनता कॉलोनी में रहकर महिला शिक्षिका की देखभाल कर रहा था। दरअसल, महिला शिक्षिका का बेटा बाहर रहता है, जबकि बेटी शादीशुदा है।
24 दिसंबर को जगदीप जनता कॉलोनी के मकान से लापता हो गया। उसके ताऊ ने 3 फरवरी को शिवाजी कॉलोनी थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने जांच की तो गांव पैंतावास के युवक हरदीप पर शक हुआ। पूछताछ की तो खुलासा हुआ कि जगदीप का अपहरण कर हत्या की गई है। फिर पैंतावास निवासी धर्मपाल को काबू किया। पूछताछ में दोनों ने पूरी वारदात से पर्दा उठा दिया। 24 मार्च को गड्ढे से शव निकाला गया।
राजकरण को पहले से जगदीप पर था शक, वीडियो देखकर यकीन में बदल गया
ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी सुलझाने में अहम भूमिका निभाने वाले सीआईए प्रथम के एएसआई विनोद दलाल ने बताया कि हत्याकांड के आरोपी पैंतावास निवासी राजकरण को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसकी सास, साला व पत्नी जगदीप की बात ज्यादा सुनते थे। उसे इतनी इज्जत नहीं मिलती थी। इसके अलावा उसकी पत्नी व जगदीप जिस तरह से आपस में बात करते थे, इससे उसे शक हो गया, इसलिए जगदीप को सबक सिखाने का निर्णय लिया। अपने दोस्त हरदीप व अमित के साथ रोहतक आया और जगदीप को घर के अंदर जमकर पीटा। इसके बाद गाड़ी में डालकर ले गए। जब जगदीप के मोबाइल फोन की जांच की तो उसमें एक आपत्तिजनक वीडियो मिला। इससे राजकरण बौखला गया। पैंतावास ले जाकर जगदीप को खूब पीटा, इससे वह बेहोश हो गया। उसे एक दिन पहले से खोदे गए सात फीट गड्ढे में डालने का निर्णय लिया, लेकिन हरदीप व अमित ने मना कर दिया। इसके बाद आरोपी राजकरण गड्ढा खोदने में मदद करने वाले साथी धर्मपाल को बुलाकर लाया। दोनों ने बेहोश हो चुके राजकरण को गड्ढे में डालकर ऊपर मिट्टी डाल दी। आरोपी हरदीप व धर्मपाल की गिरफ्तारी के बाद राजकरण ट्रेन में सवार होकर दमन दीव चला गया था।