फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rohtak News: डोंकी के 40 दिन के रास्ते को तय करने में लग गया एक साल

विज्ञापन
06सांपला01...डंकी का शिकार रोहित।
विज्ञापन
मनोज कुमार
विज्ञापन




रोहतक/सांपला। जिले के गिझी गांव निवासी रोहित ने अमेरिका जाकर अपना भविष्य बनाने और परिवार की आर्थिक स्थिति को सुधारने का सपना संजोया था। परिवार ने पहले तो अमेरिका भेजने से इन्कार कर दिया था कि वहां किस तरह जाएगा और रास्ते में काफी परेशानियां झेलनी पड़ेंगी, लेकिन रोहित ने बताया कि उनका रिश्तेदार भी तो है। उनकी जिद के सामने परिवार भी उनको अमेरिका भेजने पर सहमत हो गया।
रोहित ने कहा कि डोंकी रूट से 40 दिन का सफर पूरा करने में उनको एक साल लग गया। जंगल में उनको कैसी-कैसी प्रताड़ना झेलनी पड़ी, उसे मैं ही जानता हूं। हालांकि, इस तरह की परेशानी का सामना करने वाले वह अकेले नहीं थे। उनके साथ 12 युवक थे, जो एक साल में 22 देशों से घूमते व कठिनाइयों का सामना करते हुए अमेरिकी बॉर्डर पर पहुंचे थे। उन सभी को भेड़ बकरियों की तरह एक कमरे में बंद रखते थे।
विज्ञापन

पीड़ित ने बताया कि आशु एक फर्जी वकील के साथ अमेरिका की सीमा पर मिला। वहां पर मैक्सिको की सीमा पार करके अमेरिकी बाॅर्डर पर पहुंचे और वहां पर उनको 14 फरवरी को पकड़ लिया। वह 14 दिन अमेरिका की पुलिस हिरासत में डिटेंशन सेंटर में रहे। वहां से 1/2 मई 2025 को भारत डिपोर्ट कर दिया गया। दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंचने के बाद हथकड़ियाें से गुरुग्राम लाया गया फिर वहां से सांपला पुलिस को सौंपा गया। इसके बाद पुलिस ने परिजनों को सुपुर्द कर दिया।
विज्ञापन


50 ग्राम चावल खाकर बिताया एक माह

रोहित ने बताया कि 50 ग्राम उबला चावल दिया जाता था और उसी को खाकर 24 घंटे तक जीवित रहना था। रोहित के परिजन काम छोड़कर बस रुपयों का इंतजाम करने में जुटे रहते थे कि पता नहीं कब, कितने रुपये मांग लिए जाए। दोस्त-रिश्तेदारों से लेकर सभी जगह से रुपये मांगकर पहुंचाते रहते थे। बाद में जब रुपये की व्यवस्था गड़बड़ाई तो विदेश से आने वाली कॉल को देखकर भी डर लगने लगा था।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें