रोहतक। नीमा (नेशनल इंटीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन) ने स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी कुछ निर्देशों पर आपत्ति जताई है। संस्था ने किसी एक घटना या व्यक्ति के आधार पर संपूर्ण चिकित्सक समुदाय या किसी विशेष चिकित्सा पद्धति को दोषी ठहराने को अनुचित बताया है। इस संबंध में नीमा अध्यक्ष डॉ. सुनील खटकड़, सचिव डॉ. सिद्धार्थ नांदल ने कड़ी निंदा की है।
संंस्था कोषाध्यक्ष डॉ. धर्मपाल मुदगिल ने कहा कि यदि कोई डॉक्टर चाहे वह किसी भी पद्धति (ऐलोपैथी, आयुर्वेद, होम्योपैथी) से संबंधित हो, अवैध गतिविधि में संलिप्त पाए जाने पर उसके विरुद्ध कानून अनुसार कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। ऐसे मामले में समुदाय या किसी विशेष पद्धति को संदेह के घेरे में लाना न्यायसंगत नहीं है।
देश के लाखों चिकित्सक पूरी निष्ठा, सेवा भावना व ईमानदारी से साथ काम कर रहे हैं। ऐसे में सभी पर एक साथ आरोप लगाना उनके मनोबल को ठेस पहुंचाना है। संस्था हमेशा नैतिक चिकित्सा सेवा का समर्थन करती है। यह किसी भी प्रकार की गैर-कानूनी गतिविधि का विरोध करती है। संस्था सरकार से अपील करती है कि दोषियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाए। निर्दोष चिकित्सकों की गरिमा व सेवा भावना की रक्षा की जाए।