संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। मदीना गांव के ग्रामीणों ने रविवार को आयोजित मेरा गांव-मेरी शान चौपाल कार्यक्रम में सरपंच अनिशा दांगी के सामने कई समस्याएं रखीं। ग्रामीणों ने पेयजल की कमी, एक हजार एकड़ से अधिक खेतों में जल निकासी की समस्या, बिजली कटौती और गांव के तालाब से पानी निकासी के लिए कदम उठाने की मांग की।
ग्रामीणों का कहना है कि मदीना से गिरावड़ रोड के साथ लगते करीब 1000 एकड़ से अधिक खेत जलभराव के प्रभाव में हैं। मानसून के मौसम में आसपास के गांवों का पानी भी इनमें घुस जाता है। इससे किसानों की फसलें नष्ट हो जाती हैं। लागत भी नहीं निकल पाती है। कई किसानों को इस कारण अपनी जमीन बेचनी पड़ रही है।
ग्रामीणों की प्रमुख शिकायतें
कुलदीप ने बताया कि गांव में मदीना-गिरावड़ रोड पर पिछले 50 साल से जल निकासी की समस्या बनी हुई है। जयबीर ने पीने के पानी की भारी समस्या बताई, कहा कि जलघर से ऐसा पानी आता है जिसे पशु भी नहीं पी पाते, इसलिए टैंकरों से काम चलाना पड़ रहा है।
सुखबीर सिंह ने भी 50 साल से फसलें पानी में डूबकर नष्ट होने की बात कही। समुंदर ने बताया कि उन्हें 10 एकड़ फसल भूमि पानी में रहने के कारण बेचनी पड़ी और गांव में बिजली भी 10 घंटे तक नहीं आती है। महीपाल ने गांव के गंदे पानी के तालाब में जाने और उसकी निकासी की व्यवस्था करने की मांग की।
जल निकासी और बिजली आपूर्ति पर सरपंच का जवाब
सरपंच अनिशा दांगी ने बताया कि गांव से गिरावड़ की तरफ हजारों एकड़ भूमि से जल निकासी के लिए सिंचाई विभाग के साथ सात करोड़ रुपये की परियोजना प्रक्रिया में है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह परियोजना जल्द ही जमीनी स्तर पर लागू होगी और समस्या का समाधान हो जाएगा। बिजली की समस्या पर सरपंच ने कहा कि पहले करीब 30 फीसदी बिजली बिल संग्रह होता था, जो अब 55 फीसदी हो गया है। 24 घंटे बिजली के लिए 80 फीसदी से अधिक बिल संग्रह होना चाहिए। उन्होंने बताया कि जल्द ही गांव जगमग योजना में शामिल होने पर बिजली की समस्या हल हो जाएगी।
24 घंटे बिजली मिलने पर दूर होगी पेयजल समस्या
सरपंच ने पेयजल की समस्या पर भी बात की। उन्होंने बताया कि फिलहाल ग्रामीणों को पांच दिन में एक बार पानी मिलता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि गांव में 24 घंटे बिजली उपलब्ध होने पर पीने के पानी की समस्या का भी समाधान हो जाएगा।
11 मदीना में चौपाल कार्यक्रम में ग्रामीण समस्याएं बताते हुए। संवाद