महेंद्रगढ़। बदलती जीवनशैली और अव्यवस्थित खानपान के चलते पेट में गैस की समस्या अब आम होती जा रही है। शहर के चिकित्सकों के अनुसार 40 वर्ष से अधिक आयु के हर चौथे व्यक्ति को गैस या पेट में भारीपन की शिकायत है। आधुनिक समय में लोग शारीरिक श्रम के अभाव और गलत भोजन आदतों के कारण पाचन संबंधी रोगों का शिकार हो रहे हैं। गैस की समस्या कोई साधारण परेशानी नहीं है। लंबे समय तक इसे नजर अंदाज करने से यह अन्य कई बीमारियों का कारण बन सकती है।
नागरिक अस्पताल के चिकित्सा अधिकारी मंदीप शर्मा ने बताया कि आजकल अधिकांश लोग सुबह का नाश्ता छोड़ देते हैं। दिन में तला-भुना या बाजार का खाना खाते हैं और देर रात को भोजन करते हैं। ऐसे में पाचनतंत्र पर अत्यधिक दबाव पड़ता है, जिससे गैस, एसिडिटी, कब्ज और पेट दर्द की समस्या उत्पन्न होती है।
गैस की समस्या से दस प्रकार के अन्य रोग भी जन्म ले सकते हैं, जिनमें सिरदर्द, चक्कर आना, सीने में जलन, मुंह से बदबू आना, जोड़ों में दर्द, नींद की कमी, थकान, घबराहट, उल्टी की भावना और भूख में कमी प्रमुख हैं। कई बार यह समस्या इतनी बढ़ जाती है कि व्यक्ति को लगता है कि हृदय या फेफड़ों में कोई दिक्कत है, जबकि असल में यह गैस की समस्या होती है।
उन्होंने बताया कि गैस की समस्या से बचने के लिए नियमित जीवनशैली अपनाना बेहद जरूरी है। सुबह हल्का व्यायाम, योग या टहलना, समय पर भोजन करना और पानी का पर्याप्त सेवन करना चाहिए। भोजन में फाइबर युक्त चीजें जैसे फल, सलाद, दलिया और हरी सब्जियों को शामिल करना चाहिए। इस तरह गैस की बढ़ती समस्या आधुनिक जीवनशैली की एक बड़ी चेतावनी बन चुकी है। संतुलित आहार और नियमित दिनचर्या ही इस समस्या से बचने का सबसे प्रभावी उपाय है।