रोहतक। कोरोना महामारी से निपटने के लिए सात दिन के लिए हुए लॉकडाउन में सबसे ज्यादा चुनौती पुलिस की रहती है। प्रदेश के गृह मंत्री की ओर से आए निर्देश के बाद पुलिस इस दौरान कानून का उल्लंघन करने वालों पर सख्त रहेगी। उसका मकसद है कि किसी भी हालत में कोरोना चेन तोड़ना और यह तभी संभव है जब जनता लॉकडाउन का पालन करेगी। यह मानना पुलिस अधीक्षक राहुल शर्मा का है।
पेश है उनसे बातचीत के अंश
सवाल: पुलिस पर आरोप लगता है कि लॉकडाउन के दौरान वह बिना कारण जनता को परेशान करती है?
उत्तर: ऐसा नहीं है। एक भी आदमी अपनी शिकायत लेकर मेरे पास नहीं आया है। यदि हमारी पुलिस बिना कारण किसी को रोकती या टोकती है तो उसकी शिकायत वह मुझसे या पुलिस कंट्रोल रूम में कर सकता है।
सवाल : पुलिस की ओर से लॉकडाउन के दौरान क्या कार्रवाई की है?
उत्तर: अप्रैल में नाइट कर्फ्यू लगने के बाद से 6200 चालान किए जा चुके हैं। यह चालान मास्क न पहने वाले व अन्य नियमों का उल्लंघन करने का है। इसके साथ ही 45 एफआईआर दर्ज की गई।
सवाल : आगे इससे निपटने की क्या प्लानिंग है?
उत्तर: पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की गई है। पुलिस जनता को घरों में रहने के लिए जागरूक करे और अपनी ड्यूटी मुस्तैदी से करे। साथ ही डीएसपी व एसएचओ को निर्देश दिया गया है। वह अपने क्षेत्र में नजर रखे। इस पूरे अभियान में 1000 से अधिक जवानों के साथ 3 कंपनी आईआरबी के जवानों को लगाया गया है।
सवाल: सबसे अधिक चुनौती किसे मानते हैं?
उत्तर: सबसे अधिक चुनौती अपने जवानों को कोरोना संक्रमण से बचाना है। उनका टीकाकरण कराने से लेकर समय-समय पर जंाच भी की जा रही है। अप्रैल में हत्या, लूट, स्नैचिंग व अन्य वारदात के 52 आरोपी कोरोना संक्रमण से ग्रसित रहे। इनके साथ ड्यूटी करना व पुलिस के जवान को संक्रमण से बचाना चुनौती रहती है।
सवाल: जिले की जनता से कुछ साझा करना चाहते हैं?
उत्तर: यह संक्रमण ऐसा है कि किसी ने शायद न सुना होगा न ही सोचा होगा। इससे हमें ही निपटना है। ऐसे में लोग पुलिस प्रशासन का सहयोग करें। अपने घरों में ही रहें। सुरक्षित रहें। अफवाहों पर ध्यान नहीं दें। किसी तरह की जानकारी चाहते हैं तो प्रशासन की ओर से जारी हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें।