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Rohtak News: मरीजों के सैंपल लेने से इंटर्न का इन्कार, इमरजेंसी की व्यवस्था चरमराई

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19सीटीके33-पीजीआई के आपातकालीन विभाग के बाहर एकत्र हुए इंटर्न। स्रोत : संवाद - फोटो : संवाद
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रोहतक। पीजीआईएमएस के इंटर्न ने मरीजों के सैंपल लेने से इन्कार कर दिया है। तकनीकी रूप में टेक्नीशियन के कार्य के लिए इंटर्न ने खुद को बाध्य नहीं होने का दावा किया है। इस विरोध के चलते इमरजेंसी की व्यवस्था चरमरा गई है। हालांकि, बुधवार को दिन भर अधिकारी इस मुद्दे को लेकर बैठ करते रहे, मगर देर रात तक कोई समाधान नजर नहीं आया। इस संबंध में पीजीआई चिकित्सा अधीक्षक ने कुछ भी कहने से इन्कार किया है।
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पीजीआईएमएस की इमरजेंसी में बुधवार रात इंटर्न ने काम बंद कर दिया। यहां उन्हें मरीजों के सैंपल लेने का काम दिया गया था। इंटर्न का कहना था कि लैब टेक्नीशियन का काम सैंपल लेने का होता है। उनकी यहां नियुक्ति की जाए। उनका काम इंटर्न से कराया जाता है। यही नहीं, हम पर दबाव बनाया जा रहा है। आरोप लगाया कि दिन में महिला इंटर्न को धमकाया भी गया। हमारी अनुपस्थिति लगाने का दबाव बनाया जा रहा है। पीजीआई प्रशासन यहां लैब टेक्नीशियन नहीं दे रहा है। यहां वर्कलोड भी ज्यादा है। इसलिए यहां तकनीकी रूप से समक्ष कर्मचारी की ड्यूटी लगाई जाए। इस बारे में एक बार नहीं कई बार शिकायत भी दी गई है।
इंटर्न पंकज बिट्टू ने कहा कि एमएस ने एक ऑर्डर जारी किया है। इसमें इंटर्न को सैंपलिंग ड्यूटी नहीं करने का निर्देश दिया है। इन निर्देशों का बुधवार को अंतिम दिन रहा। इंटर्न रेजिडेंट डॉक्टर्स के साथ काम करेंगे। हम इन्हीं निर्देशों का पालन कर रहे हैं। इस बारे में उन्हें 24 घंटे पहले अवगत भी कराया जा चुका है। इसके बावजूद इस ओर कोई समाधान नहीं किया गया है। इसीलिए मजबूरीवश हमें काम बंद करना पड़ा है। अब हम निर्देशानुसार व नियमानुसार दी गई अपनी जिम्मेदारी का ही निर्वहन करेंगे।
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दिन भर चला बैठकों के दौर
इंटर्न के काम बंद करने का संकेत पीजीआई प्रशासन को सुबह ही मिल गया था। महिला इंटर्न से बहस के बाद मामला अधिकारियों तक भी पहुंचा। इसके बाद अलग-अलग अधिकारियों के पास संबंधित अधिकारियों व एचओडी की बैठकों का दौर भी चला। इसके बावजूद देर रात तक कोई समाधान नहीं हुआ। एक अधिकारी ने बताया कि उच्चाधिकारियों को स्थिति से अवगत कराते हुए व्यवस्था दुरुस्त करने की अपील की गई है। उनके निर्देशानुसार ही कार्रवाई की जाएगी।
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