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आसमान छू रही महंगाई, दाल, तेल, चीनी सब महंगा

Fri, 08 Jul 2016 02:02 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
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एक महीने में किराना के सामान के बढ़े दाम, अभी भी थमने की संभावना नहीं - फोटो : अमर उजाला
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महंगाई लगातार आसमान छू रही है। इसका सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है। कमाई में भले ही बढ़ोतरी न हो रही हो, खर्च लगातार बढ़ रहे हैं। महंगाई भी ऐसी चीजों पर बढ़ रही है, जिनसे आम आदमी मुंह नहीं मोड़ सकता है। दाल, चीनी, तेल हर किसी की जरूरत है और महंगाई की चपेट में सबसे ज्यादा ये ही हैं। आखिर घर चलाने के लिए सामान भी खरीदना जरूरी है। आम आदमी ही नहीं, महंगाई बढ़ने से व्यापारियों पर भी असर पड़ा है। उनका मुनाफा कम हो गया है, खरीददार पहले की अपेक्षा कम सामान घर ले जा रहे हैं। कुछ लोग अन्य खर्चों में कटौती कर रहे हैं तो कुछ ने स्वाद ही बदल लिया है। हर वर्ग के लोग महंगाई पर लगाम लगाये जाने की मांग करते दिख रहे हैं।
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दाल, चीनी, तेल सब कुछ महंगा आ रहा है। पिछले एक महीने में महंगाई तेजी से बढ़ी है। किराना सामान की कमी बाजार में नहीं दिखाई देती है, लेकिन मुनाफा कम हो गया है। आम आदमी जहां सामान पहले ज्यादा लेकर जाता था, अब कम लेकर जाता है।
- श्याम सुंदर, किराना व्यापारी।

पिछले एक महीने में महंगाई ज्यादा बढ़ी है। हमने अपने मुनाफे में कमी कर दी, लेकिन दलहन, तेल और चीनी पर पीछे से तेजी बताई जा रही है। महंगाई पर सरकार ने लगाम नहीं लगाई तो हालात ज्यादा खराब हो जाएंगे।
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- रमेश कुमार, किराना व्यापारी।
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दाल          एक महीना पहले       अब थोक भाव    अब खुदरा भाव
अरहर           122                  142              160
उड़द            118                  145              160
मूंग धुली         80                    95               110
चना             60                    90                100
मसूर             73                    76                85
चीनी             35                   39                 40-42
चावल            25                   30                 32
तेल सरसों       82                    87                 90
(प्रति लीटर)
नोट: यह सभी भाव प्रति किलो हैैं।

सब्जी           वर्तमान    पहले    
            थोक    रिटेल    थोक    रिटेल
आलू पहाड़ी    25    20      --      --        
आलू देसी     15    20    40    50
हरी मिर्च        60    80    20    30
बंद गोभी        20    25    6    10    
प्याज        12    20    5    10
टमाटर        70    50    15    20
हरी मटर    140    100  
बैंगन        30    50    7    10
घिया        20    40    4    10
भिंडी        40    30    10    20
अरबी        40    25  
करेला    20    30    7    15
तोरी    20    40    7    10
टिंडा    35    50    12    20
शिमला मिर्च    60    80    12    25   
धनिया    100    200    15    40
खीरा    25    40    5    10
पेठा    8    20    5    10
फ्रास बीन    70    80    30    40
गोभी शिमला    80    100  
नोट : ऊपर दी गई कीमत फूट एंड वेजिटेबल रिटेल एंड होल सेलर ऐसोसिएशन के प्रधान संजय जैन के अनुसार हैं।


दिनोंदिन बढ़ रही महंगाई ने तो चूल्हा जलाना भी मुश्किल कर दिया है। सब्जियां हो या दालें, हर किसी के दाम आसमान छूने को हो रहे हैं। पहले पांच से छह हजार के बीच रसोई का राशन आ जाता था, आज 10 से 12 हजार रुपये भी कम पड़ रहे हैं।
- लीना सचदेवा, सेक्टर-1।
 
महंगाई से गरीब क्या मध्यम वर्ग भी बहुत परेशान है। प्याज और टमाटर के भाव इतने बढ़ गए हैं कि गरीब के लिए चटनी के साथ रोटी खाना भी मुश्किल हो गया है। ऊपर से बच्चों की पढ़ाई के खर्च ने तो पूरे घर का बजट ही बिगाड़ दिया है। बाजार में 100 रुपये लेकर निकलो हो या 200, 10 रुपये भी नहीं बचते हैं।
- निर्मला।

बीमारियां तो बढ़ेगी, जब बच्चों को खाने के लिए पौष्टिक आहार ही नहीं मिलेगा। सब्जियां तो महंगी हो ही रही हैं और दूध भी 60 से 65 रुपये किलो हो गया है। दालें भी इतनी महंगी हैं कि रात को बनानी ही छोड़ दी है। एक समय ही सब्जी बनानी शुरू कर दी है।
- कृष्णा अहलावत।

सब्जियाें से तो टमाटर दूर ही हो गया है। जो टमाटर पहले 30 से 40 रुपये किलो बिकता था। वह अब 60 से 70 रुपये किलो बिक रहा है। ऐसे में बच्चों को सलाद मेें टमाटर देना ही बंद कर दिया है। भाजपा ने कहा था कि अच्छे दिन आएंगे, लेकिन बुरे दिन ही खत्म नहीं हो रहे हैं।
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- गजेंद्र।
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