लाखनमाजरा। बास्केटबॉल के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी हार्दिक राठी की मौत के सात माह बाद भी खिलाड़ियों को खेल सुविधाओं का इंतजार है। सरकार की इंडोर स्टेडियम बनाने की घोषणा के बावजूद यहां अब तक बजट ही पास नहीं हुआ है। पीड़ित परिवार इस बारे में दो मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी व खेल मंत्री गौरव गौतम से गुहार भी लगा चुका है।
लाखनमाजरा निवासी संदीप ने बताया कि 25 नवंबर 2025 को सुबह बास्केटबॉल ग्राउंड पर अभ्यास के दौरान बास्केटबॉल पोल गिरने से उनके बेटे हार्दिक की मौत हो गई थी। इस हादसे से पूरा खेल जगत आहत हुआ था।
हादसे के बाद सीएम, खेल मंत्री व अन्य अधिकारी भी हार्दिक के घर पहुंचे थे। यहां परिवार को उचित मदद का आश्वासन दिया था। सरकार की ओर से हार्दिक राठी के नाम पर इंडोर स्टेडियम बनाने की मांग मानने के बावजूद अब तक कुछ नहीं हुआ है।
पिछले सात माह से पीड़ित परिवार व खिलाड़ी इंडोर स्टेडियम के निर्माण की बाट जोह रहे हैं। हालांकि, सांसद निधि से बास्केटबॉल के दो नए मैदान जरूर बन कर तैयार हुए हैं। इन पर अभ्यास कर खिलाड़ी जमकर पसीना बहा रहे हैं।