संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। दादा लख्मीचंद राज्य प्रदर्शन एवं दृश्य कला विश्वविद्यालय (डीएलसी सुपवा) में सोमवार को चार दिवसीय भारत रंग महोत्सव (भारंगम) व सारंग महोत्सव का शानदार आगाज हुआ। यहां कथक, ओडिसी व छऊ नृत्य के जरिए कलाकारों ने देशभक्ति से ओतप्रोत ‘वंदेमातरम’ की प्रस्तुति दी।
देशभर से आए कलाकारों की प्रस्तुतियों से सुपवा के मंच पर भारतीय संस्कृति जीवंत हो उठी। अतिथियों ने यूनिवर्सिटी गैलरी में लगी फोटो प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। बतौर मुख्य अतिथि आए सांसद मनोज तिवारी के भोजपुरी गीत ‘हे राजा जी एकरे त रहल जरूरत..’ पर श्रोता झूम उठे।
सांसद ने कहा कि सुपवा के छात्र सौभाग्यशाली हैं। इन्हें अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़कर कला सीखने का अवसर मिल रहा है। बिहार व हरियाणा की लोक संस्कृति का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्तमान में लोकगीत वैश्विक मंच पर ट्रेंड कर रहे हैं। इन्हें आधुनिक कला के साथ जोड़ने की जरूरत है। उन्होंने अपने गीतों में सुपवा शब्द जोड़कर छात्रों का उत्साह बढ़ाया।
अभिनेता यशपाल शर्मा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय थिएटर फेस्टिवल भारंगम का आयोजन विवि के लिए ऐतिहासिक क्षण है। कुलपति डॉ. अमित आर्य के प्रयासों को सराहते हुए उन्होंने कहा कि सुपवा में रौनक लौट आई है।
यहां की सुविधाएं एफटीआईआई सरीखे संस्थानों से भी बेहतर हैं। संग्राम सिंह ने छात्रों को मेहनत व जुनून के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
सोमवार को एफटीवी विभाग स्थित कोर्टयार्ड में दिनभर विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियां हुईं। नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा के सहयोग से मिनी ऑडिटोरियम में भारंगम का विधिवत आगाज हुआ।
पहले दिन शाम को नाटक उम्मीद : मनुष्य जिंदा है का मंचन हुआ। यहां ओलंपियन योगेश्वर दत्त, अभिनेता संग्राम सिंह, विद्या निधि, सचिन गुप्ता, अतुल गंगवार, रेनू भाटिया व सुभाष आहुजा मौजूद रहे।
नृत्य कलाकारों की प्रस्तुति ने बांधा समा
सारंग में ओडिसी व मयूरभंज छऊ नृत्य की प्रस्तुति देखने को मिली। नृत्यांगना शिफाली टाकिया, द नृत्यबोधन डांस कंपनी के साथ नृत्य प्रस्तुत किया। इस प्रस्तुति ने ओडिसी की कोमलता व मयूरभंज छऊ की ऊर्जावान शैली को जोड़ते हुए पौराणिक कथाओं व मानवीय भावनाओं को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत की।
विवि में विभिन्न तरह के स्टॉल लगाए गए हैं। इसमें खाने-पीने के अलावा साज सज्जा से जुड़ा सामान उपलब्ध है। समारोह में पहुंचे लोगों ने दही भल्ला, भेलपूरी, कॉफी, कॉर्न, आइसक्रीम, जूस का जायका लिया।